कनीना। मंगलवार को उपमंडल के गांव बाघोत में बाघेश्वर धाम प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ महंत रोशन पुरी महाराज के सानिध्य में हुआ। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान में प्रथम दिन 301 महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा गांव के चारों तरफ फिरनी से होते हुए बाघेश्वर धाम पहुंची।
खेड़ी तलवाना से पहुंचे कथा वाचक दास मोहित कौशिक महाराज ने प्रथम दिवस की पावन कथा में भागवत के महात्म से शुरुआत की साथ ही भक्ति, ज्ञान, वैराग्य की कथा का आनंद दिलाया।
कथा वाचक दास मोहित कौशिक महाराज ने भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है। जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। यह परम हंसों की संहिता है, भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाती है। भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। यह कथा रूपी अमृत देवताओं को भी दुर्लभ है।
रोशन पूरी महाराज ने मौजूद श्रद्धालुओं को सत्य ही सर्वश्रेष्ठ धर्म के बारे में कहा। इससे पूर्व कथा के प्रारंभ पर शंकर भगवान संकीर्तन किया गया। इस अवसर पर बाबा मंदिर कमेटी के प्रमुख सदस्य महिपाल नंबरदार, सत्ते, सुशील, विक्रम ठेकेदार, राजेंद्र सरपंच, काली, बम लहरी, सरोज, सरिता, मंजू, राजदुलारी, रोशनी, प्रियंका, राखी, सुनीता सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।