फोटो नंबर- 10डॉ. दीपक शर्मा, कॉस्मेटोलॉजिस्ट, शिवम हॉस्पिटल
निजामपुर। इंजेक्शन के जरिए किए जाने वाले कॉस्मेटिक उपचारों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। वीरवार को केंद्र सरकार ने भ्रामक ब्यूटी दावों और कॉस्मेटिक उत्पादों के गलत इस्तेमाल व प्रचार को लेकर चेतावनी जारी की। अब जिले के निजी ब्यूटी क्लीनिकों और कॉस्मेटिक सेंटरों की कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना प्रशिक्षित लोगों की ओर से किए जा रहे कॉस्मेटिक इंजेक्शन मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। जिले के डॉक्टरों ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है।
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पिछले कुछ वर्षों में कॉस्मेटिक इंजेक्शन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा था जिससे कई जटिलताएं सामने आई। हालांकि, सही प्रशिक्षित विशेषज्ञों की ओर से किए जाने वाले प्रमाणित उपचारों के लिए स्पष्ट गाइडलाइन भी जरूरी होगी ताकि जरूरतमंद मरीजों को उचित सुविधा मिलती रहे।
-डॉ. महेश कुमार, कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट, राजकीय बीडीएम हॉस्पिटल
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यह निर्णय ब्यूटी इंडस्ट्री के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा। कई क्लीनिकों में क्वालिटी कंट्रोल और मेडिकल सुपरविजन की कमी थी। प्रतिबंध से अनियमित और अवैध प्रक्रियाओं पर रोक लगेगी।
-डॉ. मनोज यादव, कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट, राजकीय बीडीएम हॉस्पिटल
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कॉस्मेटिक सेक्टर के लिए यह निश्चित रूप से झटका है क्योंकि इंजेक्शन आधारित उपचार की मांग काफी अधिक थी लेकिन अगर सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हित को प्राथमिकता दी जा रही है तो इंडस्ट्री को नए नियमों के अनुसार खुद को ढालना होगा।
-डॉ. दीपक शर्मा, कॉस्मेटोलॉजिस्ट, शिवम हॉस्पिटल
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कई मामलों में गलत तरीके से दिए गए कॉस्मेटिक इंजेक्शन से संक्रमण, एलर्जी और स्थायी त्वचा क्षति जैसी समस्याएं सामने आई थी। लोगों को भी किसी भी कॉस्मेटिक प्रक्रिया से पहले डॉक्टर की योग्यता और क्लीनिक की मान्यता अवश्य जांचनी चाहिए।
-डॉ. सोनिका सोनी, मेडिकल ऑफिसर, राजकीय पीएचसी छिलरो
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कॉस्मेटिक इंजेक्शन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुष्प्रभाव पैदा कर सकती है। कई बार इनके रिएक्शन बहुत तेजी से होते हैं जिससे मरीज की स्थिति अचानक बिगड़ सकती है।
-डॉ. अमित कुमार, सिनियर मेडिकल ऑफिसर, राजकीय पीएचसी छिलरो