महेंद्रगढ़। सीमित संसाधन और दायरा बड़ा होने के कारण नगर पालिका सिर्फ आधी आबादी को ही जरूरी सुविधा दे रही है। शेष आबादी को बिजली, पानी, कचरा उठान आदि की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पालिका के साथ सरकारी विभाग भी नियमों का हवाला देते हुए अस्वीकृत कॉलोनियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में हाथ खड़े कर रहे हैं। लोग किसी तरह सुविधा जुटा रहे हैं। इसके कारण नगर पालिका की व्यवस्था गड़बड़ा रही है। वर्ष 1993 में शहर को नगर पालिका का दर्जा मिला था। तीन दशक में शहरी की संरचना में बड़ा बदलाव आया, लेकिन नगर पालिका की सुविधाएं केवल स्वीकृत काॅलोनियों तक सिमटी रही।
वर्तमान समय में 12 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले शहर में आधी आबादी तक मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। नगर पालिका व जन स्वास्थ्य विभाग तथा लोक निर्माण विभाग की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं भी केवल स्वीकृत कालोनियों तक ही रही हैं। पेयजल, सीवर, बिजली, कूड़ा उठान व अन्य सुविधाएं जुटाने के लिए लोग नियमों को ताक पर रख दे रहे हैं।
शहर में नगर पालिका के दायरे से बाहर आने वाली कालोनियों में पेयजल, सीवर, सड़क, सार्वजनिक शौचालय, पक्की गलियां, स्ट्रीट लाइटें, पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी नगर पालिका, जन स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन जिम्मेदार नियमों का हवाला देते हुए अस्वीकृत कालोनियों में सुविधाएं देने में हाथ खड़े कर रहे हैं। लेकिन लोग भी सुविधाएं जुटाने के लिए न ही तो नगर पालिका व विभागों से स्वीकृति लेते और न नियमों का पालन करते।
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यह है शहर में संस्थानों की स्थिति
12 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले शहर में करीब 17 हजार घर, पांच हजार से अधिक दुकानें, 150 से अधिक बड़े शोरूम, 20 से अधिक सरकारी और निजी बैंक की शाखाएं, नागरिक अस्पताल, शहरी व सदर थाना, 30 से अधिक विभागों के कार्यालय, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, लघु सचिवालय, दो महाविद्यालय, दो आईटीआई, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, 10 से अधिक निजी कोचिंग सेंटर, 20 से अधिक निजी अस्पताल, दो गैस एजेंसी, 20 से अधिक छोटे-बड़े मंदिर, 148 बी स्टेट हाईवे, एक खेल स्टेडियम, स्वीमिंग पूल, पांच सरकारी विद्यालय, 20 से अधिक निजी स्कूल सभी शहरी दायरे में आते हैं। इन सभी संस्थानों को बेहतर सड़क, पेयजल, सीवर, सफाई का भार नगरपालिका उठा रही है। नपा के पास सीमित संसाधन एवं बजट होने के कारण इनमें से भी आधी आबादी तक ही जरूरी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
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नगर पालिका सदन की बैठक में अस्वीकृत कॉलोनियों को स्वीकृति दिलाने का प्रस्ताव पास किया जा चुका है। शहर का दायरा और नगर पालिका से नगर परिषद का दर्जा दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार से मांग की जाएगी, ताकि शहर में मूलभूत सुविधाओं में विस्तार किया जा सके। - रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका महेंद्रगढ़।