महेंद्रगढ़। नोटबंदी के 41 दिन बीत जाने के बाद बैंकों में कैश पूरा नहीं आया है। 41 दिन बाद भी बैंक की शाखाएं जोड़तोड़ बैठा कर उपभोक्ताओं को कैश वितरित कर रही है।
सोमवार को एक दिन छुट्टी के बाद बैंक खुले थे। बैंकों के बाहर उपभोक्ताओं की कतार लगी थी लेकिन पहले के मुकाबले बैंकों में उपभोक्ता कम दिखाई दिए। हालांकि बैंक कर्मचारियों को अभी राहत नहीं मिली है, वो अभी भी कैश के काम में लगे रहते हैं।
उपभोक्ता सुबह ही बैंकों के बाहर आकर खड़े हो गए थे और अपना टोकन ले लिया था। बैंकों ने कैश की राशि प्रति उपभोक्ता अवश्य कम वितरित की गई लेकिन जिन लोगों ने टोकन लिया हुआ था सभी को राशि दी गई थी कोई भी उपभोक्ता निराश वापस नहीं लौटा। सोमवार को किसी बैंक में 10 हजार तो किसी में 6 हजार रुपये उपभोक्ताओं को दिए जा रहे थे। एटीएम में अभी कोई सुधार नहीं हुआ है। अधिकतर एटीएम सोमवार को भी खाली नजर आए।
चेक क्लीयर होने में लग रहे हैं 10 दिन
नोटबंदी के बाद दुकानदारों एवं ग्राहकों का चेक से लेनदेन हो रहा है। ग्राहक व्यापारी एवं दुकानदारों को चेक से पेमेंट कर रहे हैं। दुकानदार चेक बैंक में जब जमा करवाते हैं तो उनको क्लीयर होने में लगभग 10 दिन का समय लग जाता है। इन दिनों बैंकों में हर रोज 200 से 250 चेक जमा हो रहे हैं।
एटीएम रहे खाली
नोटबंदी के 41 दिन बीत जाने के बाद भी शहर के सभी एटीएम में अभी भी खाली रहते हैं। उपभोक्ता एटीएम में अपना डेबिट कार्ड से चैक कर वापस चले जाते हैं। शहर में 22 एटीएम होने के बाद भी 2 एटीएम मुश्किल से चल पाते हैं। जबकि निजी बैंक के एटीएम तो अधिकतर खाली ही रहते हैं। उनमें कभी कभार ही कैश डाला जाता है।
प्रति सप्ताह 24 हजार नहीं मिल रहे उपभोक्ताओं को
नोटबंदी होने को काफी समय बीत गया है। आमजन को लगा था कि एक महीने बाद समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। 41 दिन बीत जाने के बाद लोगों के कैश की समस्या हल नहीं हुई है। उपभोक्ताओं को न तो एटीएम से पैसे मिल पा रहे हैं न ही बैंकों से। सरकार द्वारा घोषित 24 हजार रुपये प्रति सप्ताह की राशि उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रही है।
उपभोक्ताओं को 10 से 12 हजार रुपये प्रति राशि से ही संतोष करना पड़ रहा है जबकि पीछे से भी कैश बैंकों में पूरा नहीं आ रहा है।