फोटो नंबर- 14रेवाड़ी रूट के लिए कतार में खड़ी बस और स्कूटी से बस स्टैंड के बाहर जाते युवा। सं
नारनौल। बस स्टैंड परिसर में निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए डिपो प्रशासन की ओर से कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं लेकिन इनका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। स्थिति यह है कि रोक के बावजूद निजी वाहन धड़ल्ले से बस स्टैंड में प्रवेश कर रहे हैं।
प्रशासन ने प्रवेश द्वार पर कर्मचारी की नियुक्ति भी की है इसके बावजूद व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो पा रही। निजी वाहन तेज रफ्तार से परिसर में आते हैं जबकि उसी समय बसों का लगातार आवागमन बना रहता है। कई बार वाहन चालक अपने वाहन बस बूथ के पास ही खड़े कर देते हैं जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर महिला, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों पर पड़ रहा है, जिन्हें बस स्टैंड में आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
डिपो प्रशासन ने करीब तीन माह पहले निजी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे और इसके लिए कर्मचारी भी तैनात किया गया था। शुरुआती दिनों में कुछ हद तक रोक देखने को मिली, लेकिन बाद में फिर से निजी वाहनों का प्रवेश शुरू हो गया।
वर्जन:
निजी वाहनों पर रोक के लिए निर्देश जारी किए गए हैं और कर्मचारी की नियुक्ति भी की गई है। साथ ही चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को नियमों में छूट दी गई है।
-अनिल भिलवाड़ा, इंचार्ज बस अड्डा।