फोटो 12आयुर्वेदिक डॉक्टर राजीव गौड़।
- फोटो : किसान लल्लूराम कुशवाहा। स्रोत: परिजन
नारनौल। 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस मनाया जाता है ताकि वायरल हेपेटाइटिस से होने वाले संक्रमणों से बचाव, निदान और इलाज के प्रयासों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिल सके।
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राजीव गौड़ ने बताया कि लक्षणों में पीलिया, थकान, भूख न लगना, मल रंग का बदल जाना शामिल है। उन्होंने बताया कि इससे बचने के लिए संतुलित आहार दिनचर्या में शामिल करनी चाहिए। साथ ही शराब, धूम्रपान, भारी मसालेदार, तला-भुना, मैदा, पके दूध-घी, अत्यधिक कैफीन खाने से भी बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि हल्दी सूजन कम करती है।
इसका प्रयोग करने से लीवर की रक्षा होती है। आंवला, त्रिफला, भुम्यामलकी, कुठकी, गिलोय का नियमित सेवन लीवर की पुनरुद्धार में सहायक माना गया है। उन्होंने बताया कि गिलोय का प्रयोग करते समय सावधानी भी जरूरी है। संवाद