सेहलंग। बाघेश्वर धाम बाघोत में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान की महिमा का रसपान किया। कथा व्यास पंडित राकेश कृष्ण शास्त्री ने ध्रुव चरित्र और भक्त प्रह्लाद के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्ति की शक्ति को उजागर किया।
उन्होंने बताया कि बालक ध्रुव ने कठोर तपस्या और अटूट विश्वास से भगवान विष्णु को प्रसन्न कर अमर ध्रुव तारे का स्थान प्राप्त किया। यह प्रसंग जीवन में दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
वहीं भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सच्चे भक्त की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं। अत्याचारों के बावजूद प्रह्लाद ने भगवान का नाम नहीं छोड़ा और अंततः भगवान नरसिंह ने प्रकट होकर उनकी रक्षा की।
कथा के दौरान भजन, जयकारों और आध्यात्मिक वातावरण से पूरा धाम भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर महंत रोशन पुरी महाराज, मास्टर पुरुषोत्तम अत्री, मनोज शर्मा, विकास पुजारी, सुनील शर्मा, नागेंद्र शास्त्री, बिट्टू शास्त्री, मनीष, प्रिंस सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।