नारनौल। दौचाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा सहयोगी, आंगनबाड़ी वर्कर्स और पर्यवेक्षकों की बैठक बुलाई गई। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कुछ गांवों में लिंगानुपात सामान्य से कम पाए जाने पर चर्चा की गई।
इन गांवों की आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को लिंगानुपात सामान्य बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिन गांवों में कम लिंग अनुपात है, उनमें बदोपुर, भाखरी मकसूसपुर, मेई, दनचोली, पवेरा, नापला, रामबास, करोली, निजामपुर घाटासेर, छीलरों, छोलेड़ा, महरमपुर, हुडिना, लहरोदा, सिलारपुर मेहता, आजम नगर, मंडलाना, ढाणी किरारोद शामिल हैं।
इन गांवों में एसएमओ डॉ. अंजली सैनी ने जन जागरण अभियान शुरू करने तथा आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, सुपरवाइजर, सरपंच पंच एवं गांव के गणमान्य लोगों के मध्य जाकर उन्हें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। अभियान को सफल बनाने के लिए आशा वर्कर और आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को संबंधित गांवों की गर्भवती महिलाओं की सूची दी गई। इस मौके पर पीएचसी दौचाना से डॉ. मुकुल, प्रवीण शर्मा खंड आशा समन्वयक, सरोज पीएचसी दौचाना, कारोता, पीएचसी छिलरो, अनिता पीएचसी बिगोपुर, सुशीला पीएचसी रामपुरा, अनिता आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, सुनीता आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, हेमलता आदि मौजूद रहीं।