नारनौल। अटल इनोवेशन मिशन के तहत जिले के 17 राजकीय विद्यालयों में नई अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएगी। इन लैब का उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों में रचनात्मकता, जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ रविंद्र कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग से प्राप्त निर्देशों के अनुसार हरियाणा के 391 सरकारी स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जानी हैं जिनमें जिले के 17 विद्यालय भी शामिल हैं। इन लैबों में विद्यार्थी रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 3-डी प्रिंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सीखने का अवसर प्राप्त करेंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बजट 2025-26 में अगले पांच वर्षों में देशभर में 50 हजार नई अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की घोषणा की है, जिनका मुख्य फोकस सरकारी स्कूलों पर रहेगा।
जिले के तीन स्कूलों में पहले से चल रही है अटल टिंकरिंग लैब
जिले में पहले से ही आरोही मॉडल स्कूल मंढाना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नीरपुर और राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महेंद्रगढ़ में अटल टिंकरिंग लैब संचालित हो रही हैं।
इन 17 स्कूलों में स्थापित होगी अटल टिंकरिंग लैब
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नायन, बाघोत, खेड़ी तलवाना, आकोदा, जैलाफ, बोचडिया, नांगल चौधरी, निवाज नगर, निजामपुर, कोरियावास, जडवा, बुढ़वाल, बुचावास, पाली, सतनाली, नियामतपुर और राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धोलेड़ा में अटल टिंकरिंग लैब खोली जाएगी।
मुख्य विशेषताएं
यह नीति आयोग के तहत कार्य करती है। अभी तक 16 लाख से अधिक नवाचार परियोजनाएं इन लैब में बन चुकी हैं। यह छात्रों को रियल-वर्ल्ड (वास्तविक दुनिया) की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करती है।
वर्जन
सरकार की इस तरह की योजनाओं से विद्यार्थी रटने के बजाय, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित की अवधारणाओं को मॉडल बनाकर सीखते हैं। विद्यार्थियों में वास्तविक जीवन की समस्याओं को तकनीकी समाधानों के माध्यम से सुलझाने की क्षमता विकसित होती है और उनमें व्यावसायिक समझ और इनोवेटिव सोच पैदा होती है। -
डॉ. विश्वेश्वर कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।