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Mahendragarh-Narnaul News: लोक अदालत में किसी के खिले चेहरे तो किसी के हाथ लगी निराशा

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फोटो 18लोक अदालत में केसों का निपटारा करते न्यायाधीश। विभाग
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नारनौल। शनिवार को न्यायिक परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहन के चालान के मामलों में कई लोगों को चालान राशि में खासी छूट मिली। दूसरी ओर कई महिलाएं जो अपने बिजली बिल को माफ करवाने के लिए लावणी छोड़ कर आई थी, उन्हें जब मालूम चला कि बिजली बिल माफी यहां नहीं की जाएगी तो उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
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सीजेएम नीलम कुमारी ने बताया कि इस लोक अदालत में कुल 51,820 केस निपटारे के लिए रखे गए थे। इनमें से 45,903 केसों का फैसला किया गया। इस लोक अदालत में 42 मोटर वाहन दुर्घटना केसों का निपटारा किया। इसमें कुल 2 करोड़ 31 लाख 95 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया।
लोक अदालत में भाग लेने के लिए सुबह साढ़े 9 बजे ही लोग अदालत पहुंचना शुरू हो गए थे। वहीं सुनवाई के दौरान लोग लाइन लगाकर कोर्ट रूम के बाहर खड़े रहे। लोगों को उम्मीद थी कि वाहन चालान राशि को कम किया जाएगा।
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जानकारी के अभाव में दूर-दराज गांवों के वे लोग भी बिजली का बिल कम करवाने पहुंचे। इनका न्यायालय में कोई मुकदमा ही दर्ज नहीं था। लोक अदालत में लोगों ने बिजली बिल कम करवाने की मांग की जिसके बाद हेल्प डेस्क पर नियुक्त

अधिवक्ताओं ने उन्हें समझाया कि लोक अदालत में केवल उन मुकदमों की सुनवाई की जाती है जो पहले से पंजीकृत है। बिजली का बिल कम करवाने के लिए दूर-दराज गांवों से पहुंची महिलाओं ने बताया कि उन्होंने फोन पर संदेश देखा था कि लोक अदालत में बिजली बिल राशि को कम किया जाएगा।

बॉक्स

गांव के लोगों से सूचना मिली थी कि लोक अदालत में बिजली बिल की राशि में भी कटौती की जाएगी। सरसों की कटाई छोड लोक अदालत पहुंची थी लेकिन यहां पता चला कि पहले से दर्ज मुकदमों की ही सुनवाई की जा रही है। -सीमा, गांव महरमपुर



फोन पर संदेश आया था कि बिजली बिल में भी कटौती की जाएगी। इसलिए लोक अदालत पहुंचे लेकिन अब मंगलवार को सर्कल कार्यालय में लगने वाली बिजली अदालत में शिकायत दर्ज करवाएंगे। -अशोक चौहान, मोहल्ला कोलियान

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बिना हेलमेट तीन लोगों को बैठाकर बाइक चलाने व प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण 21 हजार रुपये का चालान बनाया गया था। मजदूरी कर जीवन यापन करता हूं और चालान में कटौती के लिए लोक अदालत में अर्जी दायर की थी। सुनवाई के दौरान 70 प्रतिशत चालान माफ किया गया जिससे मुझे राहत मिली है। -सरजीत, गांव सलीमपुर

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बिना हेलमेट तीन लोगों को बैठाकर बाइक चलाने पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। चालान राशि को कम करवाने के लिए लोक अदालत पहुंचा तो पता चला की मेरा केस अदालत में आया ही नहीं है। लोक अदालत में केस सुनवाई की प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने के कारण चालान राशि कम नहीं करवा पाया। -सोहन, गांव नसीबपुर
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