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Mahendragarh-Narnaul News: मजदूरों की कमी और बारिश की संभावना ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

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फोटो नंबर- 13नारनौल के एक खेत में सरसों की कटाई करते मजदूर। संवाद
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नारनौल। क्षेत्र में इस समय सरसों की कटाई जारी है। बारिश की आशंका और मजदूरों की कमी किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सरसों की कटाई के लिए स्थानीय मजदूरों की तुलना में प्रवासी मजदूरों की मांग अधिक बनी हुई है।
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स्थानीय मजदूर एक दिन कटाई करने पर 700 रुपये की दिहाड़ी लेते हैं। इससे एक एकड़ खेत की कटाई पर करीब 6 हजार रुपये का खर्च आता है। वहीं प्रवासी मजदूर 4 हजार रुपये प्रति एकड़ के ठेके पर कटाई का कार्य कर रहे हैं। इससे सरसों की कटाई का कार्य भी जल्दी होता है और प्रति एकड़ 2 हजार रुपये की बचत भी हो रही है। बारिश की संभावना के चलते किसान जल्द से जल्द सरसों कटाई का कार्य पूरा करना चाहते हैं। इसलिए भी प्रवासी मजदूरों की मांग अधिक बनी हुई है।
जिले में करीब 2,65,000 एकड़ क्षेत्र में सरसों की फसल उगाई गई है। वहीं इस बार सरसों की पैदावार भी बेहतर होने की उम्मीद है। मार्च के दूसरे पखवाड़े में बारिश की संभावना से किसान चिंतित है। क्षेत्र में अधिकतर स्थानों पर सरसों कटाई का कार्य पूरा हो चुका है और किसानों ने दाना निकलवाने से पहले सरसों सुखाने के लिए खेत में रखी हुई है। लेकिन बारिश आने से फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
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प्रवासी मजदूर समूह में कार्य करते हैं जिससे फसल कटाई का कार्य जल्दी पूरा हो जाता है लेकिन मांग के चलते ठेका देने के बाद भी कार्य सप्ताह भर बाद शुरू हो रहा है। वहीं स्थानीय मजदूर भी नहीं मिल रहे। इस कारण स्वयं ही सरसों कटाई का कार्य करना पड़ रहा है। -रत्न सिंह, किसान, गांव कारोली
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सरसों की कटाई का कार्य तो पूरा कर लिया है लेकिन खेत में सरसों को सूखाने के लिए रखा हुआ है लेकिन अगर इस दौरान बारिश आती है तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है। जल्द से जल्द दाने निकलवाकर फसल को सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। -प्रेम देवी, किसान, मोहल्ला रामकरण दास कॉलोनी

वर्जन :
आगामी दिनों में मौसम की संभावनाओं को देखते हुए किसान मौसम विभाग व कृषि विभाग द्वारा जारी सूचनाओं के अनुसार ही फसल कटाई का कार्य करें। वहीं जिन किसानों ने अपनी फसल कटाई का कार्य पूरा कर लिया है, वह फसल को सुरक्षित रखें ताकि बारिश व आंधी से फसल को नुकसान नहीं पहुंच सकें। -देवेंद्र सिंह, उपनिदेशक, कृषि विभाग, नारनौल।
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