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अशोक माधव बने दूसरों के लिए नजीर

Wed, 17 May 2017 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। शिक्षा के बाजारीकरण वाले इस दौर में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। संसाधनों के अभाव के बावजूद अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल की बजाए निजी स्कूल में भेेजने को प्राथमिकता देते हैं। कुछ लोग इसे अब स्टेटस सिंबल भी मानने लगे हैं। जिसके चलते सरकारी स्कूूलों की छात्र संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। वहीं इस दौर में एक ऐसे शिक्षक भी हैं,  जिन्होंने लेक्चरर की सरकारी नौकरी ज्वाइन करने के साथ ही अपने बच्चों को निजी स्कूल में भेजना बंद कर सरकारी स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया था। महेंद्रगढ़ खंड के खुडाना गांव निवासी लेक्चरर अशोक माधव इन दिनों कनीना खंड के नौताना गांव में तैनात हैं। जहां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल से उनकी बेटी उत्कर्ष ने 10वीं कक्षा की परीक्षा दी है। वहीं उत्कर्ष 11वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई भी इसी स्कूल से करेगी।
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रिजल्ट भी रहा बेहतर
लेक्चरर अशोक माधव के बेटे व्रजांश ने पोता गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल से ही अपनी 12वीं कक्षा तक की शिक्षा हासिल की है, वर्तमान में जो महेंद्रगढ़ के राजकीय पीजी कालेज में बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। व्रजांश ने राजकीय स्कूल में पढ़ते हुए 10 वीं एवं 12 वीं कक्षा 87 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। जिससे साफ हो रहा है कि सरकारी स्कूलों में अभी शिक्षा का स्तर इतना नहीं गिरा है, जितना लोग सोचकर निजी स्कूलों की ओर भाग रहे हैं।

लेक्चरर के बच्चे सरकारी स्कूल में गए तो बाकी भी आए साथ
लेक्चरर अशोक माधव के बच्चों को जब लोगों ने सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए देखा तो दूसरे लोगों ने भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजना शुरू कर दिया। लेक्चरर अशोक माधव जब पोता गांव के राजकीय स्कूल में जाते थे तो उनके साथ गांव के करीब 20 बच्चे उसी स्कूल में पढ़ने के लिए जाने लगे। वहीं वर्तमान में जब वे नौताना गांव के राजकीय स्कूल में तैनात हैं तो उनके साथ करीब 16 छात्र नौताना स्कूल में जा रहे हैं।
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परिवहन के लिए लगाई गाड़ी
जब पोता गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में खुडाना गांव से 20 बच्चे जाने लगे तो रोडवेज की सुविधा नहीं होने के कारण परिवहन की समस्या आड़े आई। जिस पर सभी बच्चों ने मिलकर एक निजी गाड़ी को किराए पर लिया और उसी से सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए जाने लगे। वहीं वर्तमान में नौताना स्कूल में ये छात्र लेक्चरर अशोक माधव की निजी गाड़ी से जा रहे हैं।

सरकारी स्कूूलों में है ज्यादा बढ़िया स्टाफ: माधव
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य अशोक माधव का कहना है कि सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से किसी भी मायने में कम नहीं हैं लेकिन लोगों को अपनी मानसिकता में बदलाव लाना होगा। माधव के अनुसार सरकारी स्कूूलों में शिक्षा विभाग के द्वारा तमाम तरह की सुविधाएं दी जाती हैं, जिसका फायदा अभिभावकों को उठाना चाहिए।

निजी स्कूलों की बजाए सरकारी स्कूलों में ज्यादा क्वालिफाइड स्टाफ होता है। सरकारी स्कूल में अपने खुद के बच्चों को पढ़ाकर दूसरे अभिभावकों को सरकारी स्कूल के साथ जोड़ने की लेक्चरर अशोक अच्छी पहल कर रहे हैं। सरकारी स्कूल में शिक्षक बच्चों की केयर अभिभावकों की भांति ही करते हैं।
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- मुकेश लावणिया, डीईओ, महेंद्रगढ़
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