फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार्यकारिणी के पास बजट पर सैनी समाज ने उठाई अंगुली

Wed, 17 May 2017 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
नारनौल। सैनी समाज की बुधवार को पुरुषोत्तम आर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में दो दिन पूर्व पारित बजट का विरोध किया गया। सभा में मौजूद लोगों का कहना था कि दो दिन पूर्व सैनी सभा की कार्यकारिणी का बजट सर्वसहमति से पास नहीं हुआ था। बैठक में पुरुषोत्तम आर्य ने कहा कि जो बजट सभा में 15 मई को पास किया गया, उस बजट का समाज के कई लोगों ने उस समय विरोध किया था। वहीं बजट के बारे में अनेक प्रश्न पूछे थे। इसका समाज के लोगों को प्रधान और कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों ने कोई जवाब नहीं दिया। इस कारण यह बजट सर्वसहमति से पास किया नहीं माना जाएगा।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि सभा में कालेजियम के 150 सदस्य हैं। ऐसे में सभी सदस्यों के हस्ताक्षर होने के अलावा सभी को बैठक की सूचना होनी चाहिए थी। मगर यह बजट गुपचुप तरीके से केवल वाहवाही लूटने के लिए पास कराया गया। समाज के लोग इस बजट को पास किया हुआ नहीं मानते हैं।

बैठक केसरी नंदन, सब्जी मंडी के प्रधान अजीत सैनी, बाबूलाल, रामजीलाल व प्रेम कुमार ने कहा कि इस बजट के 56 नंबर पेज पर प्रधान की पत्नी द्वारा 60 हजार रुपये दान देने के बारे में लिख गया है, जबकि इसको आय में कहीं भी नहीं दर्शाया गया है। इसके अलावा धर्मशाला निर्माण के लिए आए चंदे को एक जगह आठ लाख रुपये दर्शाया है, जबकि एक जगह इसे उधार दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि धर्मशाला निर्माण के समय से अब तक तीन ठेकेदार बदले जा चुके हैं। तीन नक्शा नवीस भी बदले गए। वहीं धर्मशाला निर्माण के लिए आने वाले रोड़ी, सरिया, बजरी बिना किसी कुटेशन के ली गई हैं। इससे सौदे में भी कमीशन की बू आ रही है। उन्होंने कहा कि यह समाज का काम है। समाज के लोगों का इसमें पैसा लगा हुआ है। वहीं समाज के लोग जब इसकी जानकारी मांगते हैं तो उनको जानकारी नहीं दी जाती। ऐसे में लाखों रुपये का घोटाला होने की संभावना है।
विज्ञापन


वहीं हरिराम, मनीष व बाबूलाल सैनी ने कहा कि सभा में पांच अहम पोस्ट होती हैं। इसमें प्रधान, उपप्रधान, महासचिव, सचिव और कोषाध्यक्ष हैं। तीन साल पूर्व चुने कोषाध्यक्ष ने तीन माह में ही अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। इसके बाद से इस कार्यकारिणी ने बिना कालेजियम की राय लिए एक कोषाध्यक्ष बना दिया, जो नियम के विरुद्ध है। इस मौके पर समाज से जुड़े सैकड़ों लोग उपस्थित थे।


जो बजट पास किया गया है, वह सर्वसहमति से पास किया गया। समाज के करीब 200 लोगों ने इसका समर्थन किया है। वहीं बजट सीए से आडिट करवाया गया है। नजदीक ही सभा के चुनाव हैं। इसको देखकर कुछ लोग पूरे समाज को गुमराह करने में लगे हैं। 
विज्ञापन

- जयप्रकाश सैनी, प्रधान सैनी सभा, नारनौल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें