खुद को विक्रम उर्फ पपला बताकर निजी स्कूल संचालक से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले युवक को पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी युवक मधुबन पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में तैनात इंस्पेक्टर का पुत्र है।
उल्लेखनीय है कि शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थान श्रीकृष्णा स्कूल के संचालक कर्मवीर राव को बीते 29 अक्तूबर की शाम एक फोन आया। फोन करने वाले शख्स ने खुद को कुख्यात विक्रम उर्फ पपला खैरोली बताते हुए उनसे दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी। यही नहीं रंगदारी न देने पर परिवार को खत्म करने की धमकी दी। महेंद्रगढ़ थाने में कर्मवीर राव ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। जिस पर पुलिस ने उनको सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराया। इसके बाद जिस नंबर से कर्मवीर राव को धमकी आई थी, उस मोबाइल नंबर को ट्रेस करते हुए पुलिस करनाल पहुंची। यहां पता चला चला कि जिस नंबर से धमकी भरा फोन आया था वो मोबाइल नंबर अमन नाम के कबाड़ी का है। अमन का पता तलाश कर पुलिस उसके पास पहुंची तो उसने बताया कि उक्त नंबर का उसका सिम गुम हो गया। करीब 15 दिन की मशक्कत के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। पुलिस के अनुसार आरोपी गांव सेहलंग निवासी संदीप है। बुधवार को गांव सेहलंग से आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर महेंद्रगढ़ थाना पहुंची। गांव सेहलंग का रहने वाला 28 वर्षीय संदीप खेतीबाड़ी का काम करता है। संदीप के पिता सुरेंद्र हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। जिनकी ड्यूटी फिलहाल करनाल जिले के मधुबन में है।
ऐसे काम किया पुलिस की थ्योरी ने
विक्रम उर्फ पपला पिछले 6 साल से अपराध की दुनिया में है। उस पर अब तक धमकी देकर रंगदारी मांगने, फिरौती मांगने का कोई केस दर्ज नहीं है। ऐसे में पुलिस इसे किसी अन्य की करतूत मान रही थी। पुलिस को अनुमान था कि इस केस में महेंद्रगढ़ जिले का ही निवासी ही मिलेगा। जिसे विक्रम उर्फ पपला तथा कर्मवीर दोनों के बारे में जानकारी है। पुलिस श्रीकृष्णा स्कूल के पूर्व छात्र,पूर्व कर्मी के केस से जुड़े होने की थ्योरी पर काम कर रहे थे।
धमकी देकर दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का खुलासा हो गया है। आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर लिया गया है। वीरवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेंगे। जिसके बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। संदीप गांव सेहलंग का निवासी है।
यादराम, डीएसपी, महेंद्रगढ़