पत्रकारों से बातचीत करते सांसद राजकुमार सैनी
लोकतंत्र सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कुरुक्षेत्र के भाजपा सांसद राजकुमार सैनी का कहना है कि प्रदेश में अशांति फैैलाने वालों को सरकार ने तुरंत गिरफ्तार नहीं किया तो प्रदेश में फिर तांडव होगा। सरकार ने इस बार कदम पीछे खींचे तो प्रदेश में माहौल बहुत अधिक खराब हो जाएगा। सैनी रविवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। सैनी ने संकेत दिया कि 2019 में अलग पार्टी बनाएंगे और स्वयं मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि 2019 में उनके इस मिशन को समर्थन देें ताकि हर घर से एक सदस्य को रोजगार दे सकें। एसवाईएल पर उन्होंने अपनी ही पार्टी भाजपा और कांग्रेस को जमकर कोसा।
सांसद ने कहा कि अगर सभी जातियों को उनकी संख्या के अनुपात में शत-प्रतिशत आरक्षण दे दिया जाए तो बार-बार होने वाले आंदोलनों पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि राज्यसभा प्रणाली को समाप्त कर देना चाहिए। यह व्यवस्था अंग्रेजों द्वारा अपने पिट्ठू लोगों को राज्य सभा में पहुंचाकर बात कहलाने का माध्यम थी। लोकसभा के सदस्य सीधे जनता के द्वारा चुने प्रतिनिधि होते हैं। राज्य सभा में अब भी निर्वाचित होने की कोई प्रणाली नहीं है। राज्यसभा के सदस्य सरकार के कामों में अड़ंगा डालने और कार्रवाई को बाधित करने के अलावा कोई काम नहीं करते। एक दिन की राज्यसभा की कार्रवाई चलने पर जनता का करोड़ों रुपया बर्बाद होता है। राज्यसभा व्यवस्था को समाप्त कर देना चाहिए। मजदूरों को छोटे किसानों से जोड़ देना जाना चाहिए। उनकी मजदूरी की भरपाई सरकार को करनी चाहिए। इससे मजदूरों को 365 दिन मजदूरी मिलेगी। किसानों की माली हालत अच्छी होगी और वह आत्महत्या नहीं करेगा। सांसद सैनी ने एसवाईएल मामले में कांग्रेस के साथ-साथ अपनी सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा और केंद्र में भाजपा की सरकारें हैं। इससे पहले कांग्रेस की सरकारें भी प्रदेश और केंद्र में रही लेकिन एसवाईएल मुद्दे का हल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार सुुप्रीम कोर्ट के निर्णय का पालन करे ताकि हरियाणा का पानी प्रदेश के किसानों को मिले।
सांसद का महेंद्रगढ़ पहुंचने पर लोकतंत्र मंच के प्रदेश सह संयोजक रमेश राव पायलट, अशोक दीक्षित, डा. सतीश यादव, पुष्पा शर्मा, गजानंद सोनी, रमेश बोहरा एडवोकेट ने फूल मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर गोधाराम सरपंच मालड़ा, बहादुर सिंह, सूबेदार गुगन सिंह, रामस्वरूप नांगल हरनाथ, वीर सिंह मेघनवास, जयकिशन एडवोकेट, धर्मबीर झूक सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।