नारनौल। बस स्टैंड परिसर में निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक के बावजूद लोग बेधड़क अपने वाहन अंदर ले जा रहे हैं। बसों के संचालन वाले रास्ते पर स्कूटी, बाइक और कारों की आवाजाही से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इससे बस चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और हादसे का खतरा भी बना हुआ है।
बस स्टैंड के मुख्य प्रवेश और निकास द्वार से दिनभर बसों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद यात्री अपने परिजनों को छोड़ने या लेने के लिए निजी वाहन लेकर परिसर के अंदर तक पहुंच जाते हैं। कई बार वाहन बसों के आगे या पीछे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे बसों को निकालने में परेशानी होती है।
पिछले साल किमी स्कीम की एक बस निजी वाहन से टकरा गई थी। हादसे के बाद यात्रियों ने हंगामा किया था। इसके बाद डिपो प्रशासन ने निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दोबारा जारी किए थे। अब भी स्थिति में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। कर्मचारियों को बार-बार घोषणा कर परिसर से वाहन हटवाने पड़ते हैं।
तीन बार जारी हुए लिखित निर्देश
निजी वाहनों पर रोक के लिए डिपो प्रशासन की ओर से तीन बार लिखित निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इससे बस स्टैंड में अव्यवस्था बनी हुई है।
बस स्टैंड इंचार्ज प्रीतम बागड़ी ने बताया कि बीमार, बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को बस तक छोड़ने या लेने के लिए निजी वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा। अन्य वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके लिए मुख्य गेट पर कर्मचारी तैनात किया जाएगा। परिसर में खड़े वाहनों के चालान के लिए पुलिस को भी सूचित किया गया है।