फोटो संख्या:76- गांव नांवां में सूखी नहर--संवाद
सतनाली। क्षेत्र में नहरी पानी की कमी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि तय शेड्यूल के अनुसार क्षेत्र को पानी नहीं मिल रहा और नहर वितरण में सतनाली के साथ भेदभाव किया जा रहा है। हालत यह है कि क्षेत्र के सभी जोहड़ सूखे पड़े हैं और पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की समस्या खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि नहर में पानी 27 अप्रैल को पहुंचना था लेकिन यह तीन मई को पहुंचा। इसके बाद भी पिछले शेड्यूल के अनुसार सात दिन पानी मिलना चाहिए था जबकि केवल एक दिन ही पानी मिला। जिले में 28 मई तक नहर में पानी पहुंच चुका था लेकिन सतनाली क्षेत्र तक अब तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया।
सवाई सिंह राठौड़, दीवान सिंह शेखावत, भागीरथ सिंह शेखावत, कृष्ण सिंह तंवर, धर्मबीर गोठवाल और अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि महेंद्रगढ़ से पानी छोड़ा जा रहा है तो फिर सतनाली तक क्यों नहीं पहुंच रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और अब कई जगह पानी 1200 से 1500 फुट गहराई पर पहुंच चुका है। उनका कहना है कि नहर में नियमित पानी आने से जोहड़ भरेंगे और लोगों के साथ पशु-पक्षियों को भी राहत मिलेगी।
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खूबडू हेड से पानी छोड़ा गया है। अभी तक 1200 क्यूसिक पानी मिलना शुरू हुआ है। विभाग ने 2500 क्यूसिक की पानी की डिमांड भेजी गई है, यदि लगातार 1000 क्यूसिक जिले को मिल जाता है तो सतनाली क्षेत्र सहित पानी की पूर्ति हो जायेगी। एक या दो दिन में नहरों में पानी मिलना शुरू हो जायेगा।
-संजय, एसडीओ, नहर विभाग, सतनाली व महेंद्रगढ़
फोटो संख्या:76- गांव नांवां में सूखी नहर--संवाद