फोटो संख्या:80- नगर पालिका कार्यालय में डीएमसी रणबीर के सक्षम अपनी समस्या रखते पार्षद--संवाद
महेंद्रगढ़। नपा प्रधान, अधिकारियों व पार्षदों की चल रही आपसी खींचतान के चलते दो माह से विकास कार्य ठप्प पड़े हैं। वहीं वीरवार को इस अखाड़े में जिला प्रशासन की भी इंट्री हो गई है। प्रधान की ओर से अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए उपायुक्त ने डीएमसी को एक सप्ताह का समय दिया है।
वीरवार को उपायुक्त अंजलि अनुपमा की ओर से लघु सचिवालय में बंद कमरे में डीएमसी, नगरपालिका के अधिकारियों, प्रधान व पार्षदों की बैठक बुलाई गई। प्रधान की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के लिए डीएमसी रणबीर सिंह को एक सप्ताह का समय दिया।
प्रधान रमेश सैनी की ओर से अधिकारियों पर विकास कार्याें में अनियमितता बरतने, गुणवत्ता के नियमों की अनदेखी सहित भ्रष्टाचार व धांधली की आशंका जताते हुए पत्र लिखकर एमई से जवाब मांग था लेकिन किसी भी पत्र का जवाब नहीं देने पर प्रधान दो बार इस्तीफे, एक बार धरना-प्रदर्शन व एमई के कार्यालय पर ताला जड़ने की चेतावनी दे चुके हैं।
दो सप्ताह के दौरान विधायक कंवर सिंह यादव व एसडीएम योगेश सैनी की ओर से बैठक बुलाकर पत्रों के जवाब दिलाने व जांच के आश्वासन दिए जा चुके हैं। वहीं गत मंगलवार को प्रधान ने एमई कार्यालय पर तालाबंदी की चेतावनी दी थी। वीरवार को उपायुक्त अंजली अनुपमा ने बारी-बारी से अधिकारियों, प्रधान व पार्षदों का पक्ष सुना।
पार्षदों ने भी अधिकारियों पर उठाएं सवाल
डीएमसी रणबीर सिंह वीरवार को जब नगर पालिका कार्यालय पहुंचे तो कुछ पार्षदों ने नपा के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। वहीं पार्षद राजेश कुमार, सुनील तायल, प्रतिनिधि यशपाल शर्मा, हरिराम खन्ना ने डीएमसी रणबीर सिंह से मांग करते हुए कहा कि उनके वार्डों में बंद पड़े गलियों के निर्माण व विकास कार्याें को लेकर बार-बार आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन काम शुरू नहीं हो रहे हैं।