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नागरिक अस्पताल में आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को मिलेगी सभी मुफ्त जांच की सुविधाएं

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नागरिक अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड बनवाते लोग। - फोटो : Narnol
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जिला नागरिक अस्पताल नारनौल में आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को उपचार के दौरान किसी भी जांच के लिए पैसे नहीं देने होंगे। जिन जांचों की सुविधाएं जीएच में उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए अस्पताल प्रबंधन एक निजी लैब से अनुबंध करने जा रहा है। यह सेवा मरीजों को अगले सप्ताह से मिलने की उम्मीद है। जिले में कुल 2,08,158 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। इससे में से अभी तक करीब 63 हजार के गोल्डन कार्ड बने हैं।
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बता दें कि पिछले साल 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का जिला नागरिक अस्पताल नारनौल से शुभारंभ हुआ था। इसमें साल 2011 में हुए सामाजिक आर्थिक आंकड़े को आधार मानकर लाभार्थियों की सूची बनाई गई थी। जिले में 45800 हजार परिवार योजना के लाभ पात्र हैं। इसमें शहरी क्षेत्र में करीब आठ हजार हैं। इसमें शामिल व्यक्ति को पांच लाख रुपये का बीमा है।
अभी जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती होने वाले मरीजों को कई टेस्ट बाहर से कराने पड़ते हैं। ऐसे में उन्हें टेस्ट के पहले पैसे देने पड़ते हैं। इसके बाद बिल देने पर आयुष्मान योजना के तहत पैसे वापस मिलते हैं। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। इसे देखते हुए जिला अस्पताल प्रबंधन ने आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को राहत देने की पहल की है। इसके तहत एक निजी लैब से अनुबंध किया जा रहा है। जहां पर अस्पताल के मरीजों के करीब 50 प्रकार के टेस्ट मुफ्त में हो सकेंगे। यह सुविधा आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को ही दी जाएगी। इसे लेकर 17 जनवरी को आयुष्मान की बैठक गुरुग्राम में हुई थी। इसमें आयुष्मान भारत के उच्च अधिकारियों ने निर्देश दिया था कि आयुष्मान भारत के तहत मिलने वाले पैकेज का पैसा मरीजों को बेहतर सुविधा देने में खर्च किया जा सकता है। इसके तहत अस्पताल प्रबंधन ने इस ओर कदम बढ़ाया। निजी लैब से 50 प्रकार के जांच होंगे। जैसे सर्जरी के दौरान हिस्टी पौथेेलॉजी की जांच होती है। यह सबसे मंहगी जांच होती और करीब दो हजार खर्च आता है। ऐसे जांच के लिए मरीजों को कैश नहीं देना होगा और अस्पताल से फ्री में जांच हो सकेगी। इसी प्रकार के अन्य कई मंहगे जांच शामिल हैं।
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दो लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बनाएं जाने हैं
योजना के अनुसार जिले में कुल 2,08,158 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाएं जाने है। इसमें से अभी तक करीब 63 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बने हैं। आयुष्मान भारत के जिला सूचना प्रबंधक उमेश सैनी ने बताया कि गांवों में शिविर लगाएं जा रहे हैं। दूसरी ओर सीएससी में भी गोल्डन कार्ड बनवाने की सुविधा है। इस कार्य में सरपंच, आशा और आयुष्मान मित्र की सेवाएं ली जा रही हैं। करीब 63 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। मार्च तक इस कार्य को सौ फीसदी करने का लक्ष्य है।
13 निजी अस्पताल पैनल में शामिल
जिले में दो सरकारी नागरिक अस्पताल और 11 निजी अस्पताल पैनल पर हैं। इसमें सरकारी जिला अस्पताल नारनौल व उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ है। निजी अस्पतालों में विजय अस्पताल, संवेदना अस्पताल, कृष्णा आई अस्पताल, कृष्णा आई अस्पताल महेंद्रगढ़, गंगा देवी पांडे अस्पताल महेंद्रगढ़, इमरान ईएंडटी अस्पताल नारनौल, शांति अस्पताल, सिंघल अस्पताल, हेमंत अस्पताल, बंसल आई केयर महेंद्रगढ़ व गोयल आई सेंटर पैनल में शामिल है।
इस संबंध में आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी डॉ. डीके सैनी ने कहा कि गांवों में शिविर लगाकर गोल्डन कार्ड बनाएं जा रहे हैं। इसके साथ ही सीएससी सेंटरों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। लाभार्थी अपने पास के सेंटर पर जरूर गोल्डन कार्ड बनवा लें। हमारा प्रयास है कि इस कार्य मार्च तक सौ फीसदी तक पूरा हो जाए। इसके लिए हर स्तर पर कार्य चल रहा है।
इधर, नागरिक अस्पताल नारनौल के नोडल अधिकारी डॉ. हर्ष चौहान ने कहा कि अस्पताल में उपचार लेने वाले आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को जल्द निजी लैब में टेस्ट कराने के पैसे नहीं देने होंगे। इसके लिए एक लैब से अनुबंध किया जा रहा है। उम्मीद है कि यह कार्य एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद अस्पताल में मरीज को सौ फीसदी कैशलेस योजना का लाभ मिलने लगेगा।
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