बाजरे की सरकारी खरीद मंगलवार से शुरू हो गई। पहले ही दिन किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अकबरपुर नांगल के लगभग 107 किसानों के बाजरा पंजीकरण का रिकार्ड नहीं मिला। किसानों ने बताया कि उन्होंने बाजरे की फसल का पंजीकरण करवाया था, लेकिन जब टोकन लेने लगे तो कृषि विभाग के पास रिकार्ड में नहीं मिला। इसके बाद किसान एसडीएम मनीष कुमार फौगाट से मिलने पहुंचे। एसडीएम ने किसानों जल्द समस्या दुरुस्त करवाने का आश्वासन दिया। शाम तक पटवारी और मार्केट कमेटी सचिव इस काम में लगे हुए थे। पहले दिन 1504 क्विंटल बाजरे की खरीद हुई।
मार्केट कमेटी सचिव नुकुल यादव ने बताया कि एक एकड़ जमीन पर पांच-पांच किसानों ने पंजीकरण करवा रखा है। नियमानुसार एक एकड़ पर एक ही किसान के नाम ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो सकता है। जिस कारण रिकॉर्ड मैच नहीं हो रहा। इसके लिए दोबारा किसानों की लिस्ट बनवाकर सीएससी सेंटर को दे दी है। लिस्ट अपलोड होने के बाद किसानों के टोकन मिलने शुरू हो जाएंगे।
फूड सप्लाई डिपार्टमेंट ने पहले दिन 1504 क्विंटल बाजरे की खरीद की। मंगलवार को आदलपुर, अकबरपुर नांगल, बैरावास तथा आनावास के किसानों की फसल खरीद की गई। पहले दिन 165 गेट पास काटे गए थे, जिनमें से 75 गेट पास के बाजरे की खरीद की गई।
परचेजर सतबीर और सब इंस्पेक्टर प्रीति दोपहर एक बजे खरीद के लिए मंडी में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किसानों की ढेेेेरियों को चेक किया। जिन किसानों के बाजरे में नमी की मात्रा 14 प्रतिशत से अधिक थी। उन ढेरियों को रिजेक्ट कर दिया। शाम तक खरीद प्रक्रिया जारी थी। बुधवार को बलायचा, भगड़ाना, चितलांग बीड़ के किसानों का बाजरा खरीदा जाएगा।
ये रहेंगे मापदंड
बाजरे की खरीद के लिए मापदंड तय किए गए हैं। बाजरे में नमी की मात्रा 14 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। ढेरी में 1.5 प्रतिशत से अधिक कटे हुए दाने नहीं होने चाहिए। इसके अलावा कटे-टूटे हुए दाने 4.5 प्रतिशत होना चाहिए। अगर ये मापदंड पूरे नहीं हुए तो बाजरे की खरीद नहीं की जाएगी।
टोकन पर नहीं आ रहे थे खाता नंबर
मार्केट कमेटी की ओर से मंगलवार को सुबह टोकन काटे जा रहे थे। टोकन में खामियां नजर आ रही थीं। टोकन पर न तो किसान के खाता नंबर प्रिट हो रखे थे। न ही आईएफएससी कोड प्रिंट हो रखे थे। कुछ समय तक एजेंसियों ने खरीद नहीं की। बाद में विकल्प के रूप में किसानों की पास बुक की फोटो कॉपी ले ली गई। जिनको दस्तावेजों के साथ अटैच किया गया।
क्या कहते हैं किसान
छह एकड़ भूमि का बाजरा ऑनलाइन दर्ज करवाया था, लेकिन रिकॉर्ड में चार एकड़ बाजरा बताया जा रहा है। जिस कारण टोकन नहीं मिल रहा। सुबह से परेशान हो रहे हैं। बाजरे की खरीद अभी नहीं हुई है।
- अजय कुमार।
मैंने नौ एकड़ का पंजीकरण करवाया था। ऑन रिकार्ड एक एकड़ पंजीकरण दिखाया गया है। मैं बाजरा भी मंडी में ले आया हूं। अब रात को यहीं देखभाल करनी पड़ेगी। आज खरीद होने की संभावना नजर नहीं आ रही।
- सतबीर, अकबरपुर नांगल
मंडी में बाजरे की ढेरी लगी हुई है। चारों गांवों का यही हाल है। किसानों का रजिस्ट्रेशन मिलान नहीं हो रहा। सरकार ने बिना तैयारी के खरीद शुरू करवा दी। एसडीएम से मिले थे तो उन्होंने आश्वासन दिया कि दो से तीन दिन में समाधान करेंगे। अब इतने दिन तक किसान कैसे इंतजार करेगा।
- पवन कुमार, अकबरपुर नांगल
पांच एकड़ भूमि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाई थी लेकिन एक कनाल भी रजिस्ट्रेशन में नहीं चढ़ाई गई। बाजरा मंडी में ले आए, एक बार ट्रैक्टर लाने में 2 हजार रुपये का किराया लगता है। एसडीएम, मार्केट कमेटी सचिव तथा पटवारी से मिल चुके हैं। परंतु कोई समाधान नहीं हुआ है।
- सतबीर, अकबरपुर नांगल