महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय(हकेंवि) और हरियाणा स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (हरसैक) हिसार के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को तीन वर्षों के लिए और बढ़ा दिया गया है।
इस साझेदारी का उद्देश्य जियोस्पेशियल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण को और अधिक सुदृढ़ करना है। गुरुग्राम में आयोजित एक कार्यक्रम में हकेंवि के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार एवं हरसैक के निदेशक डॉ. सुल्तान सिंह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
कुलपति ने कहा कि समझौता नवीनीकरण जियोस्पेशियल विज्ञान में शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी 2022 को प्रारंभ हुई इस साझेदारी के तहत अब तक संयुक्त कार्यशालाएं, विशेषज्ञ व्याख्यान और विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम किए जा चुके हैं।
कुलपति ने कहा कि आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम उन्नयन, फील्ड ट्रेनिंग, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट, फैकल्टी डेवलपमेंट तथा कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग न केवल शैक्षणिक पद्धतियों को समृद्ध करेगा बल्कि विद्यार्थियों को जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
हरसैक के निदेशक डॉ. सुल्तान सिंह ने कहा कि यह सहयोग विद्यार्थियों को रिमोट सेंसिंग और जीआईएस प्रौद्योगिकी की व्यावहारिक जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह एमओयू शैक्षणिक ज्ञान और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण-प्रशिक्षण में सहयोगी होगा। विद्यार्थियों को जियोस्पेशियल क्षेत्र में बढ़ती मांग के अनुरूप तैयार करेगा।
इस एमओयू के नोडल अधिकारी व हकेवि भूगोल विभाग में प्रो. जितेन्द्र कुमार ने कहा कि आज के समय में शहरी योजना, मौसम पूर्वानुमान, नेविगेशन से लेकर ऑनलाइन डिलीवरी सिस्टम तक, जियोस्पेशियल तकनीक का उपयोग आम जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है। यह साझेदारी विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर उनकी रोजगार योग्यता को बढ़ाएगी।