महेंद्रगढ़। बचीनी गांव में फ्रेंड्स ईंट-भट्ठे के पास पांच साल की मासूम चांदनी को टक्कर मारने के बाद गांव मुकलाना, थाना आजाद नगर हिसार निवासी कैंटर चालक संदीप घबरा गया था। संदीप के मुताबिक, वह बच्ची को महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल ले जाना चाहता था लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। उसकी समझ में नहीं आया कि क्या करे। उसने माधोगढ़ घाटी में कंबल में लपेटकर शव सड़क किनारे रख दिया।
सोमवार की सुबह साढ़े 9 बजे कैंटर की चपेट में आकर गांव सैमारिया कौशल, बांदा (यूपी) निवासी राजेंद्र की बेटी चांदनी घायल हो गई थी। आरोपी कैंटर चालक संदीप इलाज के बहाने चांदनी को अपने साथ ले गया था। इधर, चांदनी को उसके पिता 10 घंटे तक शहर के 20 से अधिक अस्पतालों में तलाशते रहे लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा था।
देर रात पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस की पांच टीमों ने सीसीटीवी से कैंटर का नंबर निकालकर भिवानी निवासी मालिक नवीन को तलाशा फिर जीपीएस ट्रैकर से कैंटर ट्रेस कर संदीप को गिरफ्तार किया था। संदीप की निशानदेही पर रात सवा 11 बजे चांदनी का कंबल में लिपटा शव बरामद हुआ था।
आरोपी कैंटर चालक संदीप को पुलिस ने बुधवार की शाम 3 बजे जेएमआईसी प्रदीप कुमार की न्यायालय में पेश किया। यहां से उसे न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहित की धारा 106 और 140 (1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
हादसे के बाद दिमाग ने काम करना किया बंद
पुलिस हिरासत में संदीप ने बताया कि वह 10 साल से गाड़ी चला रहा है। जीवन में पहली बार ऐसा हादसा हुआ। मासूम बच्ची की मौत के बाद उसका दिमाग काम करना बंद कर चुका था। उसने शव को सड़क किनारे रख दिया। शव को जानवर नुकसान न पहुंचाएं इसलिए उसे कंबल में लपेट दिया था। संदीप ने अफसोस जताते हुए कहा, हादसे में मारी गई बच्ची के बारे में सौचकर उसे अपने बच्चों की याद आई और आंखों में आंसू आ गए। यह हादसा उससे अनजाने में हुआ।
वर्जन -
-आरोपी कैंटर चालक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने जिस कैंटर से दुर्घटना हुई थी उसे भी बरामद कर लिया है। साथ ही इस मामले में जांच प्रक्रिया जारी रहेगी।
-रमेश कुमार, सदर थाना प्रभारी महेंद्रगढ़।