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कृष्णावती नदी में प्रशासनिक टीम ने की छापामारी

Thu, 27 Aug 2015 12:44 AM IST
नारनौल/महेंद्रगढ़
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प्रशासनिक टीम ने खनन माफिया पर शिकंजा कसने के लिए बुधवार को नांगल पीपा के नजदीक कृष्णावती नदी में छापामारी की। टीम ने यहां दो ट्रैक्टर और एक जेसीबी मशीन खनन करते पकड़ी। इन्हें इंपाउंड करने के बाद टीम भेड़टी की ओर रवाना हुई। ग्रामीणों के मुताबिक छापामारी की जानकारी लीक होने से पहले संचालकों ने अधिकतर प्रबंध दुरुस्त कर लिए थे। इसलिए टीम कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर पाई। इससे ग्रामीणों में रोष और मायूसी है।
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मंगलवार को मीटिंग के दौरान उपायुक्त ने अवैध खनन, क्रशिंग रोकने के निर्देश दिए थे। आदेश पर बुधवार को सीटीएम रोहित यादव के नेतृत्व में छापामार टीम गठित की। टीम में फोरेस्ट डिपार्टमेंट के रेंज अधिकारी अभय सिंह, जिला खनन अधिकारी भागीरथ वशिष्ठ, तहसीलदार नरेंद्र दलाल, प्रदूषण विभाग के एसडीओ आरके गौसले आदि शामिल थे। निर्धारित कार्यक्रमानुसार टीम सुबह 9:45 बजे नांगल पीपा पहुंची।

दो ट्रैक्टरों को इंपाउंड करने के बाद नोलाजा के नजदीक वाशिंग प्लांट पर दबिश दी। सूचना पहले ही मिलने के कारण संचालक ने दो घंटे पहले झारना और जेनरेटर उखाड़ लिए। ढाणी जाजमा, दोस्तपुर, भेडंटी के नजदीक छापामारी की। लेकिन सूचना लीक होने के कारण टीम को खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई में कोई सफलता नहीं मिली।
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शाम होते ही खनन होता है शुरू
कार्रवाई के दौरान सैकड़ों ग्रामीण कृष्णावती नदी में जुट गए। ग्रामीणों ने टीम को बताया कि शाम पांच बजते ही नदी में बजरी खनन शुरू होता है और सुबह 8:00 बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान बाधा बन रहे पेड़ों को उखाड़ कर रातोंरात आरा मशीनों पर भेज दिया जाता है, ताकि विभागीय अधिकारियों को सबूत नहीं मिले। फारेस्ट और माइनिंग विभाग की टीम के कार्रवाई नहीं करने के कारण माफिया के हौसले बुलंद हैं। खनन माफिया ने पिछले 20 दिनों में 1500 से अधिक पेड़ों को उखाड़कर बेच दिया है।

सिपाही को गिराकर ट्रैक्टर चालक फरार
कार्रवाई के दौरान इंपाउंड ट्रैक्टर को बाड़े में पहुंचाने की जिम्मेदारी सिपाही विजय कुमार का दी थी। अकबरपुर बस अड्डे पर चालक ने ट्रैक्टर को भुंगारका की ओर मोड़ लिया। विरोध करने पर उसने सिपाही को धक्का मार दिया। टायर नीचे आने से बाल-बाल बचा है। ट्रैक्टर समेत चालक को भगाने में खनन माफिया की विशेष भूमिका रही। इन्होंने सिपाही को ट्रैक्टर का पीछा नहीं करने दिया।

अफसरों पर मिलीभगत का आरोप
खनन माफिया पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में मायूसी दिखी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से पहले विभाग के कर्मचारी खनन माफिया को सूचित कर देते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि रोजाना 200 से अधिक डंपर, ट्रैक्टर ट्राली बजरी की भरकर रवाना होती हैं। अधिकांश वाहन नांगल चौधरी, नारनौल से होकर दिल्ली गुड़गांव जाते हैं, इनकी जानकारी होने के बावजूद विभागीय अधिकारी कार्रवाई नहीं करते। इससे विभाग की ईमानदारी पर प्रश्नवाचक चिह्न लग गया है।

पेड़ काटने का मामला संज्ञान में है
फॉरेस्ट विभाग के रेंज अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि अवैध खनन और पेड़ों की कटाई का मामला संज्ञान में है। कार्रवाई के लिए गार्ड भेजे थे, जिस पर प्लांट संचालकों ने जानलेवा धमकी और राजनीतिक पहुंच की धमकी देनी शुरू कर दी। कुछेक प्लांटों के चालान किए भी गए हैं। अब माइनिंग विभाग के साथ संयुक्त छापामारी जारी रहेगी।
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