इमरजेंसी में बुधवार शाम एंबुलेंस में लाया मरीज आधे घंटे तक इलाज के लिए तड़पता रहा। इसके बावजूद अस्पताल कर्मियों ने उसे उतारने की जहमत नहीं उठाई। मौके पर मौजूद फोर्थ क्लास कर्मचारी ने अकेला होने की बात कहकर घायल को उतारने से मना कर दिया। लोगों ने जब मामला ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक के संज्ञान में लाया तो घायल को उतार कर उसका उपचार शुरू किया गया।
शाम 4.00 बजे पुलिस के 100 नंबर से एंबुलेंस को फोन आया कि सेक्टर एक के बाहर कोई व्यक्ति घायल पड़ा है। इसके बाद एंबुलेंस चालक उस व्यक्ति को अस्पताल के इमरजेंसी में ले आया। वहां पर उसने एंबुलेंस लाकर खड़ी कर दी और कर्मियों को घायल को उतारने के लिए कहा। किसी के न उतारने के कारण मरीज आधे घंटे तक एंबुलेंस में ही तड़पता रहा।
बाद में वहां मौजूद लोगों ने ड्यूटी कर रहे चिकित्सक को इस बारे में बताया। मौके पर मौजूद फोर्थ क्लास कर्मचारी का कहना था कि वह अकेला है और घायल को अकेले नहीं उतारा जा सकता। इसलिए स्ट्रेचर लगाकर वहां किसी सहयोगी को बुलाने गया था। वहीं चिकित्सक डा. सुरेंद्र का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आते ही घायल को एंबुलेंस से उतरवाकर इलाज शुरू करवा दिया।