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कोहरे ने दी दस्तक, हाईवे और लिंक मार्ग से सफेद पट्टी गायब

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accident,Road,danger,Point,kohra - फोटो : Narnol
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शनिवार को क्षेत्र में कोहरे ने दस्तक दे दी है। अगर आप वाहन चला रहे हैं तो जरा संभलकर चलाएं। क्योंकि शहर के नेशनल हाईवे से लेकर विभिन्न सड़कों से सफेद पट्टी पूरी तरह से मिट चुकी है। ऐसे में कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय यह पता नहीं चलेगा कि कब सड़क के बीचों बीच पहुंच गए। सड़क से नीचे कब पहुंच गए यह भी पता नहीं लग पाएगा। ऐसे में हादसे का शिकार हो सकते हैं।
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नेशनल हाईवे सहित सर्विस रोड पर बने अवैध कट और यू टर्न भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। यहां साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर नहीं लगे हैं। इससे वहां अक्सर हादसे की संभावना बनी रहती है। जनवरी से लेकर अब तक नेशनल हाईवे पर कई हादसे हो चुके हैं। मौसम परिवर्तन के बाद अब धीरे-धीरे सर्दी बढ़ने के साथ सुबह और शाम स्माग होने लगा है जिससे दृश्यता कम होती जा रही है। आने वाले दिनों में कोहरा बढ़ेगा। किंतु प्रशासन ट्रैफिक लाइट एवं रिफ्लेेक्टरों को लेकर तनिक भी गंभीर नहीं है। पीडब्ल्यूडी के पास प्रति वर्ष इसका बजट भी आता है।
ये हैं शहर के डेंजर प्वाइंट
नेशनल हाई वे पर जाटवास मोड़, कैंची मोड़, सतनाली चौक, राव तुलाराम चौक, ओवर ब्रिज आदि स्थानों पर दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैैं। ओवर ब्रिज से नीचे उतरकर रेवाड़ी की ओर जाने वाले खतरनाक कट हैं। इसके अलावा माजरा चुंगी, सचिवालय के सामने, कॉलेज मोड़ आदि भी खतरनाक मोड़ हैं। जहां पर कई बार हादसे हो चुके हैं। उक्त स्थानों पर साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टिंग बोर्ड, अंडरपास ब्रिज ट्रैफिक, पुलिस कर्मी की तैनाती की कमी हादसों का कारण बन रही है। वाहन चालकों के लिए धुंध का खतरा शुरू हो चुका है। धुंध को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस प्रशासन द्वारा वाहन चालकों की सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही है। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस द्वारा अब तक बसों, ट्रैक्टरों-ट्रॉलियों, ट्रकों समेत बड़े वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने शुरू तक नहीं किए हैं।
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नेशनल हाईवे से लेकर लिंक रोड से सफेद पट्टी हो रखी है गायब
नेशनल हाईवे पर बहुत सी जगह पर सफेद पट्टी लगी ही नहीं। कुछ हिस्सों में पुरानी पट्टी दिख तो रही हैं, लेकिन धुंध वाहन के अंदर से दिखाई नहीं देती। शहर के आसपास के चौराहों और मोड़ पर भी सफेद पट्टी नहीं लगी हुई। इसके अलावा कुरहावटा रोड, जाटवास रोड, देवनगर रोड, बवानिया रोड सहित अनेकों शहर से लिंक करने वाली सड़कों पर सफेद पट्टी किनारों पर सफेद पट्टी नहीं लगी है।
गड्ढ़े बन सकते हैं हादसे का कारण
सड़कों पर सफेद पट्टी का न होना तो खतरनाक है ही इसके जितना ही खतरनाक विभिन्न सड़कों पर बने गहरे गड्ढे भी हैं। जिले के कई प्रमुख रास्तों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। नेशनल हाईवे से लेकर गांवों को शहर से जोड़ने वाले लिंक रोड पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। ये गड्ढे भी हादसे का कारण बन सकते हैं। संबंधित अधिकारी इन गड्ढों को भरने की कोई योजना नहीं बना रहे।
व्यवस्था नहीं होने पर बढ़ेंगी दुर्घटनाएं
प्रशासन की तैयारी नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने की संभावना हैं। क्योंकि आने वाले समय पर कोहरा बढ़ेगा जिससे हादसों की संख्या भी बढ़ेगी। साफ मौसम और गर्मी के समय में शहर में हर महीने में औसतन 20 दुर्घटनाएं यानी प्रतिदिन एक दुर्घटना होती है। वहीं सड़क से गाड़ी उतरना और हल्की दुर्घटनाओं की तो कोई संख्या ही नहीं है।
जिन सड़कों पर सफेद पट्टी गायब हो रखी है उनको तीन चार दिन में लगवा दिया जाएगा। एक्सीडेंट प्वाइंट या मुख्य मोड़ों पर रिफ्लेक्टिंग लाइट लगाने का प्रयास करेंगे।
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- सोमदत्त शर्मा, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, महेंद्रगढ़।
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