नारनौल। जिले के नागरिक अस्पताल में गायनोलॉजिस्ट नहीं होने से सिजेरियन नहीं हो रहे हैं। इसकी वजह से अस्पताल में आने वाली गर्भवतियों को रेफर किया जा रहा है। क्योंकि अस्पताल में गायनोलॉजिस्ट नहीं होने से सिजेरियन नहीं हो पा रहे हैं। अब सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को दो गायनोलॉजिस्ट की मांग की है, ताकि गर्भवतियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नागरिक अस्पताल में जिलेभर के साथ साथ पड़ोसी राज्य राजस्थान के झुन्झुनू जिले से भी डिलीवरी के लिए महिलाएं आती है। ऐसे में अस्पताल में प्रतिदिन 8 से 10 सिजेरियन हो जाते हैं। गायनोलॉजिस्ट नहीं होने की वजह से अब अस्पताल में सिजेरियन नहीं हो पा रहे हैं। एक सर्जन पहले सिजेरियन ऑपरेशन करता था, उसके भी हाथ में फ्रेक्चर हो गया। इस वजह से वह भी ऑपरेशन नहीं कर पा रहे हैं। इससे समस्या और बढ़ गई। अब सप्ताह भर से नारनौल के नागरिक अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं।
सिजेरियन के लिए ऑन काल चिकित्सकों की व्यवस्था की जाएगी
नागरिक अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी को दूर करने के लिए ऑन काल आवेदन मांगे जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन ऑन काल पर आने वाली महिला चिकित्सकों को एक ऑपरेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चार हजार रुपये दिए जाएंगे। अब यह प्रोसेस पूरा होने के बाद गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए सिविल सर्जन की तरफ से चार नवंबर को एक पत्र भी जारी किया गया है।
एनएचएम के तहत लगी दो स्त्री रोग विशेषज्ञ के जाने से बढ़ी समस्या
नागरिक अस्पताल में 28 अक्तूबर के बाद कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसकी वजह से करीब दस दिन से अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। एनएचएम के तहत दो स्त्री रोग विशेषज्ञ लगाई गई थी, जो अग्रिम एक माह का नोटिस देते हुए 29 अक्तूबर को कार्यभार से मुक्त हो गईं। इसके बाद अस्पताल में कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। सिविल सर्जन ने दो स्त्री रोग विशेषज्ञ को अस्पताल में लगाने की मांग की है।
वर्जन:
नागरिक अस्पताल में अभी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है, इसकी वजह से गर्भवतियों को परेशानी हो रही है। अब जल्द ही ऑन काॅल स्त्री रोग विशेषज्ञों को लगाया जाएगा। वहीं, दो स्थाई स्त्री रोग विशेषज्ञों की भी मांग की गई है।
-डॉ. धर्मेंद्र सांगवान, सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल नारनौल।