कनीना। उपमंडल कनीना के ग्रामीण गंदे पानी के जोहड़ की दुर्गंध से परेशान हैं। इन जोहड़ में डूबने से गांव में तीन मौत होने के बावजूद भी जिम्मेदारों ने चेत नहीं किया है। ग्रामीणों की ओर से लंबे समय से इस समस्या से राहत दिलाने की मांग उठाई जा रही है। वहीं ग्राम पंचायत की ओर से फंड नहीं होने का हवाला दे इस समस्या से पल्ला झाड़ लिया जाता है।
गांव की गलियों एवं नालियों का गंदा पानी लंबे समय से इसी जोहड़ में डाला जा रहा है। सफाई के अभाव में अब यह जोड़ह ग्रामीणों के लिए परेशानी बन चुका है।
ग्रामीण पृथ्वीराज, दयाराम, बुधराम, ग्यारसी देवी, किताबों, शर्मिला, मुस्कान, पूनम, सुमन, सारली, चमेली, प्रमिला, बबली, बाला व लक्ष्मी सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच बार-बार जोहड़ की सफाई करवाने का दावा करता है लेकिन सफाई के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई कर राशि का गबन किया जा रहा है।
समस्या को लेकर 10 मार्च 2025 को गांव में लगभग दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया गया था। धरने के दौरान खंड विकास व पंचायत कार्यालय से एसईपीओ कृष्ण लाल मौके पर पहुंचे थे और 10 दिनों के भीतर गंदे पानी की निकासी के लिए नाले का निर्माण कराने का आश्वासन दिया था।
इस माह का समय बीत जाने के बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन व ग्राम पंचायत दोनों ही मामले को गंभीर नहीं हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही गंदे पानी की निकासी व जोहड़ की सफाई का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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जोहड़ के पानी की निकासी के लिए एक टेंडर किया गया था लेकिन पंचायत समिति के पास फंड न होने के कारण वह पूरा नहीं हो पाया। अब इसकी प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा रही है जल्द ही नाला बनाकर जोहड़ का पानी निकाला जाएगा।-धर्मवीर सरपंच, गांव कोटिया