रोहतक। हरियाणा में लोकसभा चुनाव के परिणाम भले फिफ्टी-फिफ्टी रहे हों, लेकिन रोहतक में दीपेंद्र हुड्डा की जीत का जश्न भविष्य की सियासत की झांकी दिखा गया। मंगलवार को मतगणना के रुझान जैसे-जैसे कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में आने शुरू हुए, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ऑफिस से घर की तरफ लोगों का रेला उमड़ने लगा। शाम होते-होते हुड्डा के आवास पर जनादेश के जश्न के साथ ममत्व और अपनत्व का ऐसा प्रदर्शन देखने को मिला जो नई इबारत लिखता दिखाई पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री ने लगातार कार्यकर्ताओं के बीच रहकर लगातार उनका उत्साह बढ़ाया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा मंगलवार सुबह से ही शीला बाईपास के पास एक बैंक्वेट हाल में बने ऑफिस में बैठकर टीवी पर चुनाव परिणाम देख रहे थे। उनके पुत्र राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा की बढ़त शुरू होने और दूसरे लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशियों के बेहतर प्रदर्शन का रुझान आते ही उनके फोन की घंटी बजने का सिलसिला तेज हो गया। इसके बाद पूरे प्रदेश से कांग्रेस के कार्यकर्ता इतनी बड़ी संख्या में हुड्डा को चेहरा दिखाने के लिए उमड़ पड़े कि पुलिस को व्यवस्था बनाने में पसीने छूटने लगे। जीत के आंकड़ों पर चर्चा होने लगी और सूबे में कितनी विधानसभा पर बढ़त बन रही है, इसका गुणागणित होने लगा। इशारा साफ था कि यह चुनाव परिणाम भविष्य की सियासी चाल तय कर रहा है और उसकी पृष्ठभूमि रोहतक में तैयार होने लगी। रात तक अलग-अलग क्षेत्रों से कांग्रेस नेताओं का हुड्डा के आवास पर आना-जाना लगा रहा।
आशा हुड्डा नहीं रोक पाईं आंसू
जीत की लीड तीन लाख के पार जाने के बाद जब दीपेंद्र सिंह हुड्डा अपने घर पहुंचे तो उनकी पत्नी श्वेता हुड्डा और मां आशा हुड्डा के साथ बड़ी संख्या में रिश्तेदारों और महिला कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। भावुक हुईं आशा हुड्डा ने दीपेंद्र और बहू को गले लगाने के बाद जब चेहरे को घुमाया तो भावविह्वल नजर आईं। पहले तो वह खुशी में बार-बार बेटे का माथा चूमती रहीं और फिर आंसू नहीं रोक पाईं। यह ऐसा पल देखने को मिला जब मां और बेटा एक दूसरे को सांत्वना भी देते दिखे।
इन आंकड़ों ने चौंकाया
कांग्रेस के जिन प्रत्याशियों ने लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की है, उसमें सबसे ज्यादा वोट से जीत दर्ज करने वाले नेताओं में दीपेंद्र हुड्डा का नाम शामिल हो गया है। वोट हासिल करने में भी वह दूसरे नंबर पर भी हैं। महज 45 साल की उम्र में वह 5वीं बार संसद जाएंगे, जिसमें चौथी बार लोकसभा सदस्य के रूप में चुने गए हैं।