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विज्ञान व तकनीक संग युवाओं के लिए नैतिक मूल्य भी जरूरी - प्रो. एम. जगदेश कुमार

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अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में बुधवार को पांचवें दीक्षांत समारोह में 13 शोधार्थियों को स्वर्ण पदक, 11 को पीएचडी, 33 को एमफिल और 416 को स्नातकोत्तर उपाधि प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह में भारतीय वेशभूषा कुर्ता-पायजामा, सूट सलवार और साड़ी में उपाधियां ली गई।
मुख्यातिथि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एम जगदेश कुमार ने कहा कि आज का युग युवाओं का युग है। सूचना तकनीक के विकास और विज्ञान के बढ़ते कदमों को देखते हुए बेहद जरूरी है कि हम भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहें। विज्ञान व तकनीक के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि इसके बिना मानव का विकास संभव नहीं है। अर्जित ज्ञान का लाभ तभी प्राप्त हो सकता है, जब इसे दूसरों के साथ साझा किया जाए। आपके जीवन में खुशी तभी आएगी जब आप दूसरों की खुशी के लिए काम करेंगे।
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विशिष्ट अतिथि एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक प्रो. जेएस राजपूत ने कहा कि 20वीं सदी बदलाव की सदी थी तो 21वीं सदी बदलाव की गति की सदी है। इस गति के साथ कदम ताल मिलाकर चला जाए। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आपने क्या सीखा है बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि आपकी सीख के आगे क्या है। हमेशा ध्यान रखें कि हमें लक्ष्य को बड़ा रखना चाहिए।
कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष में आठ नए प्रोजेक्ट के लिए 6.99 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सीएसआईआर, यूजीसी नेट/जेआरएफ की परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों की संख्या 2018 में बढ़कर 107 पहुंच गई। पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एंड टीचिंग के अंतर्गत नेशनल रिसोर्स सेंटर (एनआरसी) के माध्यम से शिक्षकों के लिए वार्षिक रिफ्रेशर पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अनुदान आयोग की एकेडमिक एडवाइजरी काउंसिल ने 5 में से 4.5 रेटिंग प्रदान की है।
कुलाधिपति प्रो. पीएल चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में ‘तैत्तिरीय उपनिषद्’ में वर्णित दीक्षा मंत्र का उच्चारण कर उपाधि प्रदान की। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह में की यह वेशभूषा हमें भारतीय परंपरा और संस्कृति की याद दिलाती है। इस मौके पर हकेंविवि के पूर्व कुलपति मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह, दीनबंधु छोटू राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके अनायत, विभिन्न पीठों के अधिष्ठाता, कुलसचिव रामदत्त, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विपुल यादव, वित्त अधिकारी मनोरंजन त्रिपाठी, विभागों के विभागाध्यक्ष परंपरागत परिधानों में उपस्थित रहे।
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460 को मिली डिग्री और 13 को स्वर्ण पदक
पांचवें दीक्षांत समारोह में कुल 416 विद्यार्थियों को पीएच.डी., एमफिल. व स्नातकोत्तर की डिग्री प्रदान की गई। पीएचडी डिग्री पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 11 रही तो 33 विद्यार्थियों को एमफिल और 416 को स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त हुई। 13 विद्यार्थियों को उनके उम्दा प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

स्वर्ण पदक विजेताओं की सूची
1 विकास, एमफिल (हिंदी)
2 अजय कुमार, एमफिल, (अंग्रेजी)
3 मीरजा मुनीब अनन, एमफिल (शिक्षा)
4 मोहम्मद आरीफ मलिक, एमफिल (शिक्षा)
5 बरखा, एमफिल (अर्थशास्त्र)
6 राजकुमार साहा, एमएससी (कम्प्यूटर विज्ञान)
7 ज्योति, एमएससी (गणित)
8 मधु लता, एमएससी (बायोटेक्नोलॉजी)
9 भावना स्वामी, एमएससी (रसायन विज्ञान)
10 आयुषी जैन, एमएससी (भौतिकी)
11 कोमल, एमए (मनोविज्ञान)
12 रंजन कुमार, एमए (पत्रकारिता एवं जनसंचार)
13 दीक्षा कालरा, एमएससी (माइक्रो बायोलॉजी)
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