अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। अरावली की वादियों में वर्षों से खंडहर हालत में पड़े माधोगढ़ किले के दिन अब फिरने वाले हैं। इस किले का जीर्णोद्धार राजस्थान के नीमराणा फोर्ट की तर्ज पर किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने माधोगढ़ किले के 3.71 करोड़ रुपये के टेंडर लगाए हैं। किले के अंदर स्थित रानी महल का 2.57 करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार किया जाएगा। जबकि बावड़ी की 1.14 करोड़ रुपये से मरम्मत की जाएगी। यह काम दिल्ली की फरान बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया। कंपनी लगभग 18 महीने में इस काम को पूरा करेगी। बुधवार को पर्यटन विभाग के अधिकारी किले का जायजा लेने के लिए पहुंचेंगे।
माधोगढ़ किला लगभग 17.86 करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार किए जाने की घोषणा की गई थी। सतनाली सड़क मार्ग से किले तक लगभग 1.90करोड़ रुपये की सड़क निर्माण पूरा हो चुका है। यह सड़क 1850 फीट लंबी और 18 फीट चौड़ी बनाई गई है। विभाग की ओर से रानी महल का 2.57 करोड़ और बावड़ी का 1.14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अभी 12.25 करोड़ रुपये कार्यों के टेंडर होने बाकी है। इसके अतिरिक्त पानी और बिजली की प्रक्रिया भी अंडर प्रोसेस है। किले का निर्माण कार्य अगले सप्ताह तक मंत्री से समय लेने के बाद शुरू किया जा सकता है।
मंत्री पद की शपथ लेने के बाद मंत्री ने किले के जीर्णोद्धार की थी घोषणा:
पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा ने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद माधोगढ़ किले पर गए थे। इस दौरान उन्होंने माधोगढ़ किले का जीर्णोद्धार करने की घोषणा की थी। 9 अप्रैल 2016 को सब्जी मंडी में आयोजित प्रगति रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी 50 करोड़ रुपये से माधोगढ़ एवं महेंद्रगढ़ किले का जीर्णोद्धार करने की घोषणा की थी।
पुराने रानी महल के अलावा बनेगा आधुनिक रानी महल
रानी महल और बावड़ी का काम शुरू हो जाने के बाद आधुनिक रानी महल भी बनाया जाएगा। नए रानी महल सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होगी। महल के पास स्थित झरने को भी पूर्ण रूप से विकसित किया जाएगा। साथ ही पार्किंग सुविधा भी मुहैया करवाई जाएगी। इन सभी चीजों के टेंडर भी जल्द किए जाने की संभावना है।
लोगों को मिलेगा रोजगार
माधोगढ़ किला पर्यटन के रूप में विकसित होने पर लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ क्षेत्र के बाजार और यातायात साधनों की सुविधा भी बढ़ेगी। इससे क्षेत्र का पिछड़ापन भी दूर होगा। पर्यटन के क्षेत्र में जिले का नाम प्रदेश के मैप पर दिखना शुरू हो जाएगा।
आम बजट में लगी थी हेरिटेज सर्किट पर मोहर
मार्च 2018 में पेश किए गए प्रदेश सरकार के आम बजट में करोड़ों रुपये की लागत से इस टूरिज्म सर्किट को विकसित करने की घोषणा की थी। पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा भी ऐतिहासिक धरोहरों को सर्किट बनाने में पूरे दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
ऐतिहासिक धरोहरों को जोड़कर बनाया जाएगा टूरिज्म सर्किट
प्रदेश सरकार हरियाणा के अंतिम छोर पर बसा जिला महेंद्रगढ़ एवं रेवाड़ी जिले की ऐतिहासिक धरोहरों को जोड़कर टूरिज्म सर्किट बनाएगी। इनमें महेंद्रगढ़ के माधोगढ़ किला तथा महेंद्रगढ़ किला भी शामिल है। नारनौल के राय मुकुंद का छत्ता, तख्त बाओली, ढ़ोसी की पहाड़ी तथा रेवाड़ी के बड़ा तालाब, सोला राही शिव सरोहर तथा सिटी वाइड इंफ्रास्ट्रेक्चर का जीर्णोद्धार किया जाना है।
वर्जन
पर्यटन विभाग की ओर से 1.14 करोड़ रुपये से बावड़ी और 2.57 करोड़ रुपये से रानी महल के लिए टेंडर किए जा चुके हैं। पर्यटन मंत्री से समय लेकर जल्द ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। काम को पूरा करने के लिए कंपनी को 18 महीने का समय दिया गया है।
- एचएस यादव, एडीएम, पर्यटन विभाग रेवाड़ी।