अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़।
मोहल्ला खटीकान में पानी की कमी को लेकर परेशान महिलाओं ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी कार्यालय में प्रदर्शन किया और विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। महिलाओं का आरोप था कि पिछले तीन वर्ष से वो पानी की समस्या को लेकर परेशान हैं। उन्हें पानी के लिए एक किलोमीटर दूर खेतों में जाना पड़ता है। लेकिन पिछले आठ दिनों से मोहल्ले में बिलकुल पानी नहीं आ रहा। उन्होंने बताया कि नहर का पानी बिल्कुल गंदा आता है, जोकि योग्य नहीं होता।
वो गरीब होने के कारण आरओ नहीं लगवा सकते। गंदे पानी से बच्चे बीमार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पानी की समस्या को लेकर कई बार जाम लगा चुके हैं। जिला उपायुक्त से भी मिल चुके हैं। परंतु हर बार झूठा आश्वासन दे दिया जाता है। उनकी समस्या तीन वर्षों से जस की तस है। मोहल्ला खटीकान निवासियों की शिकायत पर एक्सईएन रणजीत सिंह मलिक एवं एसडीओ प्रदीप यादव ने निरीक्षण किया। इसके बाद वापस कार्यालय में आकर जल्द पानी का समाधान करवाने का आश्वासन दिया।
पानी की समस्या को लेकर मास्टर कॉलोनी वासी परेशान
मास्टर कॉलोनी निवासी पिछले दो महीने से पानी को समस्या को लेकर परेशान है। कॉलोनी वासी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ को लिखित में पानी की समस्या के बारे में अवगत करवा चुके हैं लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। कॉलोनी वासी सत्यनारायण, प्रकाशचंद, मास्टर पंकज, सेठ लालचंद, मास्टर सतबीर, मास्टर मनोज, मास्टर महेश कुमार, अजमेर सिंह, शिव कुमार, रामकिशन जांगड़ा, मदनलाल, मास्टर सुरेश ने बताया कि दो महीने से पानी की समस्या बनी हुई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठे हुआ है। उन्होंने बताया कि इस भीष्ण गर्मी के चलते पानी के भटकना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की शीघ्र से शीघ्र पानी की व्यवस्था की जाए। ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़। अगर पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सड़क पर उतरना पड़ेगा।
तीन वर्ष पहले शिक्षामंत्री को दी थी शिकायत:
मोहल्ला वासियों ने बताया कि 24 अप्रैल 2015 को शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा को पानी की व्यवस्था करने के लिए मांग की थी। उन्होंने पत्र में लिखा था कि उनका पुराना बोर खराब हो गया है। इस बोर को या गहरा करवाया जाए या फिर नया बोर करवाय जाए। मंत्री की ओर से जिला उपायुक्त को लेटर मार्क कर दिया गया था। उसके बाद कई बार शिकायतें दी जा चुकी तथा जाम लगाए जा चुके। किंतु अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं दिखाई दे रहा।
बोली महिलाएं
मोहल्ला खटीकान में पिछले तीन वर्ष से पानी की समस्या है। आठ दिन से तो पानी बिल्कुल ही नहीं आ रहा। कभी कभार आता है तो दूषित पानी आता है। पानी में कीड़े मकोड़े मिलते हैं। मजबूरी में एक किलोमीटर दूर खेतों से पानी लाना पड़ता है।
- संतोष
पिछले तीन वर्ष से पानी की सुचारु रूप से सप्लाई नहीं आ रही। नहर का पानी दूषित आता है, जिसमें हाथ भी नहीं धोए जा सकते। जब अन्य मोहल्लों में बोर करवाए जा सकते हैं तो हमारे मोहल्ले में क्यों नहीं हो सकता।
- सुनीता।
पानी की समस्या को लेकर बहुत दु:खी हैं। मोहल्ले में दूषित पानी सप्लाई होता है। अमीर लोगों के तो आरओ लगा होता है। हम मजदूरी करते हैं। बच्चों को पालें या आरओ लगवाएं। दूषित पानी पीकर बच्चे बीमार हो रहे हैं। आज भी मजदूरी छोड़कर कार्यालय में आई हैं।
- नर्मदा।
नहर का पानी तीन-चार दिन में आता है, वह भी साफ नहीं आता। पीने के पानी के लिए हमें एक किलोमीटर दूर महिला कॉलेज से लाना पड़ता है। इस समस्या के लिए पिछले तीन वर्षों से शिकायत दे रहे हैं। किंतु समस्या का हल नहीं हो रहा। प्रशासन आंख मूंद कर बैठा है।
- शीला।
वर्जन:
एनआरबी स्कूल की बोरवैल से मोहल्ले में स्थित पानी की दोनों टंकी को भर दिया जाएगा। पुरानी बोर खराब हो चुकी है। नए बोर के लिए एस्टिमेट बनाकर भेज दिया जाएगा। परमिशन आने के बाद बोर करवा दिया जाएगा।
- प्रदीप यादव, एसडीओ जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।