सरसों की खरीद नहीं होने पर किसानों ने दो घंटे तक महेंद्रगढ़-रेवाड़ी रोड पर लगाया जाम
महेंद्रगढ़। सरसों की फसल की खरीद नहीं होने का आरोप लगाते हुए किसानों ने वीरवार को महेंद्रगढ़-रेवाड़ी रोड पर जाम लगा दिया। दोपहर 1 से 3 बजे तक 2 घंटे तक लगे जाम के कारण सड़क के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। जाम की वजह से वाहन चालकों एवं स्कूली विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी नवल किशोर ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किंतु वो अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद हैफेड इंचार्ज जगराम ने भी किसानों का आश्वासन दिया कि वो उनकी खरीद अनाज मंडी में करवा देंगे। किंतु किसान मंडी में सरसों बेचने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद थाना प्रभारी और हैफेड इंचार्ज ने विचार विमर्श कर दस-दस किसानों को टोकन दिया। किसान इस बात से सहमत हो गए जाम खोला दिया।
उल्लेखनीय है कि इस समय हैफेड के गोदामों में सरसों की खरीद चल रही है। प्रतिदिन 100 से 120 किसान आकर सरसों बेचने के लिए आ रहें हैं। किसानों की संख्या अधिक होने के एक दिन में किसानों का नंबर नहीं आ पाता। बुधवार को को महेंद्रगढ़ एवं खातोद गांव के किसानों की बारी थी। इस दिन खातोद गांव से 150 किसान आ गए जिसकी वजह से इनकी सरसों वीरवार तक नहीं खरीद गई। सरसों की खरीद नहीं होने को वीरवार दोपहर को किसानों ने जाम लगा दिया।
खरीद के लिए 12 बजे तक नहीं पहुंचते अधिकारी
किसानों का कहना है कि 24 अप्रैल की रात को अपनी सरसों लेकर आए थे किंतु अभी तक उन्हें टोकन भी नहीं दिया गया। अधिकारी दोपहर 12 बजे तक खरीद के लिए गोदाम में नहीं पहुंचते। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल को महेंद्रगढ़ एवं खातोद गांव का शेड्यूल था। 25 अप्रैल का पूरा दिन बीत गया और 26 अप्रैल की दोपहर तक उनकी सरसों की खरीद नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसियां किसानों की फसल नहीं खरीद कर व्यापारियों की फसल खरीद रहे हैं। जबकि किसान बाहर खड़ा परेशान हो रहा है। इसीलिए उन्होंने मजबूरी में जाम लगाया।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त को दी थी जानकारी
18 अप्रैल को गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त एवं गेहूं एवं सरसों खरीद निगरानी कमेटी के वरिष्ठ अधिकारी वी उमाशंकर ने हैफेड के गोदामों का निरीक्षण किया था। उस समय अधिकारियों ने बताया कि तीन गांव के किसानों की एक साथ सरसों खरीद में उनको दिक्कत आ रही है। गोदाम भी छोटे पड़ रहे हैं। सरसों बेचने आने वाले किसानों की औसत 120 के करीब आ है। उमाशंकर ने भी इस बात को माना कि वास्तव में हेफेड के गोदाम खरीद के लिए छोटे पड़ रहे हैं। इस दौरान आयुक्त ने जिला उपायुक्त को निर्देश दिए थे कि जो गांव नारनौल के पास लगते हैं तो उनको बदलकर नारनौल के शेड्यूल में डाल दें। साथ ही तीन की बजाय दो-दो गांव कर दिया जाए। दो-दो गांव के शेड्यूल में भी किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खेतों से होकर गुजरे छोटे वाहन
रेवाड़ी रोड पर जाम लग जाने के कारण बड़े वाहन दो घंटे तक फंसे रहे जबकि छोटे वाहन खेतों में निकाल कर ले जा रहे थे। खेतों में मिट्टी अधिक होने के कारण दुपहिया एवं चौपहिया वाहन धंस गए। उनको धक्का मारकर निकाला गया। इसके अलावा स्कूली बसों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। वहीं हैफेड के पास स्थित गांव के विद्यार्थियों को 2 किलोमीटर दूर पैदल ही घर जाना पड़ा।
एक ही गांव से 150 किसान आने के कारण परेशानी हो रही है। अब कुछ किसानों को टोकन दिए गए हैं और कुछ की खरीद मंडी में शुरू करवा दी गई है। अब लगातार दोनों ही जगहों पर सरसों की खरीद होगी।
-जगराम यादव, हैफेड इंचार्ज