अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। अब जिले को लावारिस पशुओं से मुक्त किया जाएगा। गांव, कस्बे और शहर में अगस्त माह में ये भटकते नजन नहीं आएंगे। सीएम मनोहर लाल ने प्रदेश को 31 जुलाई तक लावारिस गोवंश से मुक्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद उपायुक्त ने जिले की नगरपालिका और नगर परिषद् को लावारिस गोवंश पकड़कर गोशालाओं में भेजने के निर्देश जारी कर दिए। नगरपालिका महेंद्रगढ़ ने बुधवार से लावारिस गोवंश पकड़ने का अभियान चलाया। यह अभियान सुबह 7 से 11 बजे तक मोदाश्रम मंदिर के सामने चला। इस दौरान लगभग 18 लावारिस गोवंश गोशाला बुचियावाली पहुंचाए गए। इन पर पशु अस्पताल ने टैग भी लगाए।
जिले में लगभग चार हजार लावारिस गोवंश सड़कों, खेतों और खुले मैदानों में घूमते रहते हैं। प्रशासन का दावा है कि उनमें से डेढ़ हजार लावारिस गोवंश पहले ही पकड़े जा चुके हैं। अभी ढाई हजार लावारिस गोवंश शेष हैं। बुधवार को नगरपालिका एवं पशु अस्पताल की संयुक्त कार्रवाई में लावारिस गोवंश पकड़े गए। पालिका के एमई अंकित वशिष्ठ, जेई कृष्ण सैनी, सफाई दरोगा राजेंद्र, पशु चिकित्सक नेतराम, बाबूलाल, सोनू, हरिप्रकाश, सुनील आदि इस कार्रवाई में शामिल रहे। डॉ. नेतराम ने बताया कि महेंद्रगढ़ शहर में लगभग 18 गोवंश पकड़े गए हैं। इनमें 13 अमरिकन सांड़ और पांच देशी सांड़ थे। इन लावारिस गोवंश को टैग लगाकर बुचियावाली गोशाला में भेज दिया है। यह अभियान प्रतिदिन 7 से 11 बजे तक 31 जुलाई तक जारी रहेगा। लावारिस गोवंशों की देखरेख का खर्चा सरकार देगी।
गांवों में भी चलेगा अभियान
आवारा गोवंश को पकड़ने का अभियान गांवों में भी चलाया जाएगा। बीडीपीओ निशा तंवर ने बताया कि सभी सरपंचों को लावारिस गोवंश पकड़ने का संदेश दिया है। उनको निर्देश दिए हैं कि नजदीक पशु अस्पताल के चिकित्सकों के सहयोग से लावारिस गोवंश पकड़कर उन्हें गोशालाओं में पहुंचाएं।
गोकशी पर लगेगी रोक
बाहर घूम रहे लावारिस गोवंशों को गोशालों में भेज दिए जाने से गोकशी पर भी रोक लगेगी। पिछले दो वर्ष के दौरान जिले में गोतस्करों के लावारिस गोवंश को भर कर ले जाने की अनेक घटनाएं हो चुकी हैं। मेवात के लोग इन लावारिस गोवंशों को ले जाकर उनकी हत्या कर देते थे। पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर भी गोतस्करों को पकड़ चुके हैं।
हादसों में आएगी कमी
आवारा गोवंशों को गोशालाओं में डाले जाने के बाद हादसों में भी कमी आएगी। रात्रि के समय काले सांड़ सड़कों पर घूमते रहते हैं। अंधेरे में दिखाई नहीं देने के कारण कई बार सड़क हादसे का सबब भी बन जाते हैं। कई बार उनकी आपसी लड़ाई के दौरान भी व्यक्ति चोटिल हो जाते हैं।
जिले को 31 जुलाई तक लावारिस गोवंश से मुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके आदेश जारी कर दिए हैं। बुधवार को महेंद्रगढ़ में यह अभियान शुरू कर दिया है। उनको टैग भी लगाया जा रहा है।
-जिला उपायुक्त, राज नारायण कौशिक।