बालाजी चौक से एसडीएम आवास तक लगभग एक किलोमीटर दूरी का 88 लाख रुपये सड़क का प्रोजेक्ट एक वर्ष में पूरा हुआ है। इस सड़का का प्रस्ताव शहरी सरकार बनने के बाद आयोजित की गई पहली मीटिंग में पास हुआ था। दस महीने पहले इसका आधे ज्यादा हिस्सा काम पूरा हो चुका था। परंतु ठेकेदार ने इस सड़क को बीच में ही छोड़ दिया था। अब एक रात में ही 350 मीटर लंबी सड़क को तारकोल से पूरा कर दिया।
बता दें कि नगरपालिका का नया प्रधान बनने के बाद अगस्त 2016 में पार्षदों की पहली बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में बालाजी चौक से एसडीएम आवास तक सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव रखा था। लगभग 88 लाख रुपये से एसडीएम आवास से बालाजी चौक तक तारकोल की सड़क बनाई जानी थी। प्रस्ताव पास होने के काफी समय बाद इसके टेंडर किए गए थे। उसके बाद फरवरी 2019 में इस रोड पर काम शुरू कर दिया था। अनाज मंडी के व्यापारियों की मांग पर यह रोड तारकोल का बनाने की बजाय सीमेंट का बनाया दिया था। इससे बजट बिगड़ गया था। बजट बिगड़ने के कारण यह रोड डीएसपी क्वार्टर तक ही बन पाया था। उसके बाद ठेकेदार ने काम रोक दिया था। लगभग दस महीने बाद अब यह रोड शनिवार की रात को तारकोल का बना दिया गया है।
एक रात में नई सड़क बनना रही चर्चा का विषय:
बता दें कि एक रात में ही सड़क बनना आज बाजार में चर्चा का विषय रही। क्योंकि पिछले तीन वर्षों से शहर के सभी बाजारों की सड़कें टूटी हुई हैं। पार्षदों की आपसी खींचतान के कारण शहर के विकास कार्य के टेंडर पास नहीं हो पा रहे। लोगों को उम्मीद जगी थी कि नया विधायक बनने के बाद कुछ काम शुरू होंगे परंतु चुनाव के डेढ़ महीने बाद भी किसी काम का कोई टेंडर नहीं लगा। जब रातों रात यह सड़क बनी तो लोगों के लिए यह हैरानी करने देने वाली बात थी। सड़क बनने से लोगों को गड्ढ़ों से मुक्ति भी मिली है। बता दें कि 350 मीटर की सड़क पर लगभग 100 से अधिक गड्ढ़े बने हुए थे। बालीजी चौक से अस्पताल तक तो सड़क ही गायब हो गई थी। दस मीटर लंबे गड्ढ़े हो रखे थे।
एक वर्ष पहले 88 लाख रुपये के टेंडर लगाए गए थे। रोड एसडीएम आवास से बालाजी चौक तक बनाया जाना था। टेंडर में तारकोल की सड़क बनाए जाने का प्रावधान था। परंतु व्यापारियों की डिमांड पर सीमेंट का बना दिया था। बीच में पार्षदों और चेयरपर्सन की खींचतान चल रही थी। अधिकारी भी स्थायी नहीं आ रहे थे। इससे पेमेंट फंसने का डर था। -नवीन खुडाना, ठेकेदार।