नारनौल। मोहल्ला पुरानी मंडी स्थित प्राथमिक पाठशाला का भवन लंबे समय से जर्जर है। यहां कक्षा एक से पांच तक के करीब 87 बच्चे हादसों के साए में पढ़ाई कर रहे हैं। प्रशासन के सुस्त रवैये के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।
पाठशाला में कुल चार कमरे हैं। इनमें से दो कमरों को करीब दो साल पहले जर्जर घोषित किया गया था। गत वर्ष अगस्त माह में जर्जर भवन का एक कमरा ढह गया था, जिसे स्टोर रूम के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इसके बावजूद, अब तक जर्जर भवन को न तो ढहाया गया है और न ही मलबा हटाया गया है। जिन दो कमरों में बच्चे पढ़ रहे हैं, वे भी जर्जर हालत में हैं। बारिश में छत से पानी टपकने पर शिक्षकों ने अपने पैसे से मरम्मत करवाई थी। हालांकि, दीवारों में अभी भी सीलन बनी रहती है।
असुरक्षित चहारदीवारी और प्रशासन की अनदेखी:
स्कूल की चहारदीवारी भी जर्जर है और उसमें दरारें आ गई हैं। तेज बारिश या आंधी में यह कभी भी गिर सकती है। इससे बच्चों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
वर्जन :
पुरानी मंडी स्थित प्राथमिक पाठशाला भवन की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। अब मुख्यालय भेजा गया है। बजट पास होने के बाद जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।
अशोक कुमार शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, नारनौल।