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गोल्डन कार्ड बनवाने की अंतिम तिथि की अफवाह से आयुष्मान सेंटर पर लगी भीड़-

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों को गोल्डन कार्ड बनवाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को तीन से चार घंटे लाइन में लगकर कार्ड बनवाना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने यह अफवाह फैला दिया है कि 15 जनवरी तक ही गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे। ऐसे में कुछ दिनों से सेंटर पर भीड़ बढ़ गई है। दूसरी ओर गांवों में लोगों से कार्ड बनवाने के नाम पर 365 रुपये लिए जा रहे हैं। इससे भी लोग सेंटर पर पहुंच रहे हैं।
बता दें कि पिछले साल 23 सितंबर को आयुष्मान भारत योजना का शुुुुभारंभ जिला नागरिक अस्पताल में हुआ था। इसके लिए अस्पताल में अलग से आयुष्मान सेंटर बनाया गया है। जहां पर जरुरतमंदों के गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। लेकिन, आयुष्मान भारत के पात्र लोगों को पीएम ओर से कार्ड मिला है। इससे बाद से भी नारनौल जिला अस्पताल में गोल्डन कार्ड बनवाने वालों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। करीब एक सप्ताह से सेंटर पर लोगों की भीड़ लग गई हैं और लोगों को कार्ड बनवाने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। हेल्थ विभाग का कहना है कि गोल्डन कार्ड के लिए कोई अंतिम तिथि नहीं है। ऐसे में लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।
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365 रुपये लेने का आरोप
आयुष्मान सेंटर पर आए लोगों ने बताया कि गांव में दो-तीन लड़के लैपटॉप लेकर घूम रहे हैं। ये लोग एक गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए 365 रुपये मांग रहे हैं। दूसरा यह भी कह रहे है कि कार्ड बनवाने की अंतिम तिथि 15 जनवरी है। ऐसे में लोग सरकारी अस्पताल पर कार्ड बनवाने के लिए आ रहे हैं। जिससे सेंटर पर भीड़ बढ़ गई है। लोगों ने ऐसे युवकों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

वीरवार को कार्ड बनवाने के लिए बेटे को साथ अस्पताल आई थी, लेकिन कार्ड नहीं बन सका। शुक्रवार को दोबारा से सुबह सात बजे से लाइन में लगना पड़ा। सेंटर पर लोगों की भीड़ के अनुसार कंप्यूटर और बढ़ाना चाहिए।
- कमलेश देवी।

सुबह आठ बजे से आयुष्मान सेंटर पर आ गई थी। दोपहर बाद कार्ड बनवाने का नंबर आया। अस्पताल के अलावा अन्य जगहों पर भी कार्ड बनवाने की सुविधा होनी चाहिए।
- प्रमिला देवी, केशव नगर।

पीएम के आयुष्मान का पत्र मिलने के बाद गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अस्पताल में आया था, लेकिन अधिक भीड़ होने के कारण परेशानी उठानी पड़ी। इस ओर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
- सोनू, राता कलां गांव।

गांव में कुछ युवक 365 रुपये लेकर गोल्डन कार्ड बना रहे हैं जबकि सरकार की ओर से निशुल्क बनाया जा रहा है। इसलिए वे लोग यहां आए हैं। सरकार को ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
रामचंद्र, नांगल दुर्गू गांव।

जिला अस्पताल के आयुष्मान सेंटर पर कार्ड बनाने की व्यवस्था में सुधार किया जाए। लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है और परेशानी हो रही है। गांव में कुछेेक लोग इसके लिए पैसे भी ले रहे हैं।
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- संतलाल, नांगल दूर्गू।

वर्जन
सेंटर पर एक और कंप्यूटर सेट लगाया गया है। जिससे लोगों को परेशानी न उठानी पड़ी। गोल्डन कार्ड बनाने की कोई अंतिम तिथि नहीं है। ऐसे में लोगों को कार्ड बनवाने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। जरूरत पर उनका संबंधित अस्पताल में कार्ड बना जाएगा।
- उमेश सैनी, जिला सूचना प्रबंधक, आयुष्मान।
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