अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। सेंट्रल यूनिवर्सिटी में अगले सत्र से 700 स्टूडेंट्स को छात्रावास की सुविधा मिलेगी। यूनिवर्सिटी के दो छात्रावास अगले सत्र से शुरू हो जाएंगे। अप्रैल तक इन छात्रावास को तैयार कर लिया जाएगा। जुलाई-अगस्त में नए सत्र के स्टूडेंट्स को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी में फिलहाल 900 स्टूडेंट्स की क्षमता का एक हॉस्टल है, जिसमें 600 लड़कों और 300 लड़कियों के छात्रावास की सुविधा है। अन्य सभी स्टूडेंट्स को यूूनिवर्सिटी कैंपस से बाहर किराए का कमरा लेकर रहना पड़ता है। यूनिवर्सिटी में अन्य प्रदेशों के काफी स्टूडेंट होने के कारण हॉस्टल की डिमांड सबसे अधिक रहती है। नए सत्र से कुछ नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं। वर्तमान में 1260 की क्षमता के नए हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। करीब 80 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दो छात्रावास इसी सत्र में शुरू हो जाएंगे। जिसमें कुल 700 स्टूडेंट्स की क्षमता रहेगी। 560 की क्षमता वाले दो हॉस्टल बाद में तैयार होंगे। नए शिक्षा सत्र से यूनिवर्सिटी में लॉ डिपार्टमेंट के अधीन एलएलबी कोर्स, एमए इन संस्कृत, डिप्लोमा इन योगा सहित कई अन्य पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। इन स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल की सुविधा की जरूरत पड़ेगी।
छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं
नए छात्रावास में स्टूडेंट्स के लिए काफी सुुविधा होंगी। कॉमन रूम के अलावा यहां एक जिम भी बनाया जाएगा। इंडोर गेम की सुविधाएं भी हॉस्टल में रहेंगी। जिसमें टेबल टेनिस, बॉक्सिंग, कुश्ती, जूडो, चेस, योगा सहित अन्य खेल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी।
तीन मंजिला होंगे छात्रावास
नए छात्रावास तीन मंजिला होंगे। हर मंजिल पर 35 कमरे होंगे। लिफ्ट की सुविधा के साथ सीढ़ियां भी रहेंगी। डायनिंग रूम, रीडिंग रूम, कॉमन रूम के अलावा वार्डन हाउस भी होगा। इन छात्रावास को सीपीडब्ल्यूडी की ओर से तैयार कराया जा रहा है। छात्राओं के हॉस्टल आपस में कनेक्ट होंगे। छात्राएं आसानी से एक-दूसरे हॉस्टल में आ जा सकेंगी।
वर्जन
हॉस्टल निर्माण के लिए काफी हद तक काम पूरा हो गया है। उम्मीद है कि अप्रैल तक हॉस्टल तैैयार हो जाएंगे। नए शिक्षा सत्र में इन्हें चालू करने का टारगेट रखा गया है। हॉस्टल शुरू होने से दूर दराज के स्टूडेंट्स को काफी फायदा होगा।
- प्रोफेसर आरसी कुहाड़, कुलपति, सेंट्रल यूनिवर्सिटी।
40 प्रतिशत को चाहिए हॉस्टल
यूनिवर्सिटी में करीब 2300 स्टूडेंट हैं। जिसमें करीब 40 प्रतिशत दूसरे प्रदेशों के हैं। इन सभी स्टूडेंट्स को हॉस्टल की डिमांड रहती है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के स्टूडेंट भी हॉस्टल की मांग करते हैं। फिलहाल अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए हॉस्टल में सीट तय हैं। मेरिट के अनुसार हॉस्टल सुुविधा दी जाती है।