आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां स्वस्थ्य रखने में सक्षम
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। सीएचसी नांगल चौधरी में मरीजों को तीन दिन तक गिलोय का काढ़ा नि:शुल्क पिलाया जाएगा। इस अभियान का शुभारंभ एसएमओ डॉ. अरुण कालरा ने मंगलवार को किया। इस दौरान उन्हें मरीजों को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल में अंग्रेजी दवाइयों का प्रचलन नहीं था। वैद्य जड़ी-बूटियों से ही मरीजों का इलाज करते थे। यह दवाई सस्ती होने के साथ ही बीमारी को जड़ से मिटाने में सक्षम है। एसएमओ ने कहा कि बारिश होते ही ग्रामीण रास्तों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। मच्छर पनपने के कारण मलेरिया, डेंगू, डायरिया की आशंका है। इसके बचाव के लिए गिलोय का काढ़ा पीना जरूरी है। यह काढ़ा स्वस्थ्य और बीमार दोनों ले सकते हैं। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ ही शरीर तंदुरुस्त रहेगा। डेंगू पीड़ित को दो बार काढ़ा पिलाते ही रक्त में प्लेटलेट्स बढ़नी शुरू हो जाती हैं। इस मौके पर होम्योपैथिक चिकित्सक अमित शर्मा, फार्मासिस्ट राकेश कुमार, धर्मबीर सिंह, योगेश शर्मा आदि मौजूद थे।