नांगल चौधरी। कुसंगति में रहने तथा दूसरों को गलत कार्यों के लिए उकसाने वाले व्यक्ति को महापाप लगेगा और उसके जीवन में दुखों का आना शुरू हो जाएगा। उक्त विचार शनिवार को दौंखेरा वीर हनुमान मंदिर के महंत महंत उदय नारायणाचार्य एक दिवसीय प्रवचन के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को दुख के समय भगवान व अच्छे कर्मों की याद आती है। इससे पहले अज्ञानता के चलते अनैतिक कार्यों में व्यस्त रहेगा। महंत ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों से समाज को सद् बुद्धि तथा परोपकार की प्रेरणा मिलेगी। भगवान के स्मरण से पापों का नाश व यश को बढ़ावा मिलता है।