हादसों को न्योता दे रहे बिना सेफ्टी वॉल के क्षतिग्रस्त पुल
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर के बीचोंबीच बड़े गंदे नाले पर बने पुलों की सेफ्टी वाल कई दिनों से टूटी हुई है। इससे हादसों का डर बना हुआ है। वाल टूटने की वजह से एक बार रविदास मंदिर के पास एक कार नाले में गिर गई थी। बरसात के मौसम में हादसों का खतरा ज्यादा हो गया है। सेफ्टी वॉल न होने से लोगों को परेशानी भी हो रही है। इस नाले पर बने करीब दस पुलों में से अधिकतर की सेफ्टी वाल पूरी तरह टूट गई हैं। इस पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। हालांकि, नप इस पूरे नाले को कवर करने की योजना बना रही है, मगर इस योजना को अमलीजामा पहनाने में लंबा समय लग सकता है।
बरसाती और शहर के गंदे पानी की निकासी के लिए शहर के बीचोंबीच करीब दो दशक पूर्व नाले का निर्माण किया गया था। इससे पूर्व यहां पर छलक नदी बहती थी। इस पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था। वर्ष 1996 में शहर में आई बाढ़ के बाद नगर परिषद ने इस नाले का निर्माण कराया था। इसके निर्माण के समय छलक नदी के बीच बने मकानों को भी हटा दिया गया था। यह नाला शहर के पश्चिम में निजामपुर रोड के पास मोहल्ला सलामपुरा से शुरू होकर मोहल्ला महल, मिश्रवाड़ा, गस्तीवाड़ा, पुल बाजार, चांदुवाड़ा, शनि मंदिर, रामानंद राधेश्याम धर्मशाला, पुलिस लाइन, गोशाला रोड के साथ से होता हुआ रेवाड़ी रोड पर कैलाश नगर में जाकर समाप्त होता है। नाले की कुल लंबाई करीब तीन किलोमीटर है। उस समय नाले के निर्माण पर करीब 15 लाख रुपए खर्च हुए थे। अब यह नाला जगह-जगह से टूट गया है। नाले पर बने पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इनकी सेफ्टी वाल भी टूट चुकी है। जिससे हादसे का डर बना रहता है।
कहां-कहां टूटी है सेफ्टी वाल
करीब तीन किलोमीटर लंबे इस नाले पर दस से भी ज्यादा पुल हैं। इनमें से अधिकतर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। छोटा तालाब के पास, मोहल्ला महल के पास, रविदास मंदिर के साथ, पुल बाजार से दशमेश नगर, शिवाजी नगर, शनि मंदिर के पास, गोशाला के सामने और रेवाड़ी रोड पर बने पुल की सेफ्टी वाल टूट चुकी है।
रोजाना गुजरते हैं कई वाहन
इस नाले पर बने पुलों पर से रोजाना स्कूली वाहन और अनेक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। यह नाला शहर के बीचोंबीच से गुजरता है। इसके कारण एक ओर से दूसरी ओर आने-जाने के लिए लोग इस नाले को पार करते हैं।
कई बार हो चुके हैं हादसे
नाले पर सेफ्टी वाल न होने के कारण कई हादसे भी हो चुके हैं। रविदास मंदिर के पास वाल टूटी होने के कारण एक कार इसमें गिर गई थी। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को कोई चोट नहीं आई। कुछ वर्ष पूर्व रेवाड़ी रोड पर भी नालेे में कार गिर गई थी। इसमें कई लोग घायल हुए थे।
नेशनल हाईवे पर भी टूटा है नाले का पुल
यह नाला नेशनल हाइवे नंबर-11 पर रेवाड़ी रोड पर सैनी धर्मशाला के साथ से गुजरता है। यहां पर घुमावदार मोड़ भी है। नाले के पुल की सेफ्टी वाल यहां भी टूटी हुई है। इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
नाले पर से कई स्कूली वाहन रोजाना आते-जाते हैं। ऐसे में कोई वाहन नाले में गिर गया तो अनेक बच्चे हादसे का शिकार हो सकते हैं।
-प्रीतम वशिष्ठ
नाले में इस समय बारिश का पानी लबालब चल रहा है। ऐसे में यदि कोई वाहन इसमें गिर जाए तो बड़ा हादसा भी हो सकता है।
-समीर कुमार
टूटी हुई सेफ्टी वॉल के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। चालक बड़े ध्यान से यहां से निकालते हैं। उन्हें हर वक्त हादसे का डर रहता है।
-शक्ति सिंह
नाले पर बने पुलों की सेफ्टी वाल को जल्द से जल्द ठीक कराना चाहिए। इनके न होने से कभी भी हादसा होने का डर बना रहता है।
-महेश कुमार
इस पूरे नाले को कवर करने की योजना है। इस पर करीब 24 करोड़ रुपये की लागत आएगी। कवर हो जाने के बाद नाले पर कोई पुल नहीं बचेगा। फिलहाल जहां पुल टूटे हैं, उनको ठीक करा दिया जाएगा।
-भारती सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, नारनौल