- अमर उजाला फाउंडेशन और संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में अग्रवाल सभा में आयोजित किया रक्तदान शिविर
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। अमर उजाला फाउंडेशन और संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में वीरवार को अग्रवाल सभा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 9 बजे से शुरू हुआ शिविर दोपहर सवा एक बजे तक चला। इसमें 155 लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान में महिलाएं भी पीछे नहीं दिखी। शिविर में करीब 15 महिलाओं ने भी रक्तदान किया। तेज गर्मी के बीच रक्तदाताओं में पूरा जोश व उत्साह दिखाई दे रहा था। अग्रवाल सभा में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने किया। शिविर में एसपी कमलदीप गोयल व संत निरंकारी मंडल भिवानी के जोनल इंचार्ज बलदेव राज नागपाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि रक्तदान जीवनदान होता है। हमारे द्वारा दिए गए रक्त से हम किसी की जिंदगी बचा सकते हैं। हमें रक्तदान करने से कभी भी पीछे नहीं हटना चाहिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने कहा कि रक्त की आवश्यकता हमारी रगों को है, न की सड़कों को। हमें बढ़-चढ़कर रक्तदान करना चाहिए। ताकि किसी भी पीड़ित की समय रहते मदद की जा सके। सुबह नौ बजे शुरू हुए रक्तदान शिविर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। तेज गर्मी होने के बावजूद भी रक्तदाताओं में काफी उत्साह रहा। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 155 यूनिट रक्त एकत्र किया।
इस मौके पर संत निरंकारी मंडल नारनौल ब्रांच के मुखी रामनारायण सिंह, रेडक्रास सचिव मनोरंजन शर्मा, मास्टर संतलाल यादव, वाईसीओ संदीप संघी, विज्ञान शिक्षक धर्मपाल, सिकंदर गहली व मनीष यादव के अलावा स्वास्थ्य विभाग नारनौल और रेडक्रॉस नारनौल की टीम का पूरा सहयोग रहा।
- रक्तदान करके दिल को सुकून मिलता है। रक्तदान के बारे में दोस्तों को भी प्रेरित करूंगा। ताकि वह भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके। अमर उजाला का यह प्रयास सराहनीय है।
- शुभभ।
- जिंदगी का यह अनूठा अनुभव था। अमर उजाला की इस पहल से युवा जागृत होंगे। इस दान में बढ़ोतरी करने के लिए सामाजिक संगठन और आमजन को समय-समय पर आगे आना चाहिए।
- राजबीर।
रक्तदान करने से नए खून का विस्तार होता है। इससे स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। वैसे भी रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। महिलाओं को भी इसमें आगे आना चाहिए।
- संतरा।
रक्तदान करने से दूसरे की जिंदगी बचे। इससे ज्यादा जिंदगी को क्या सुख मिल सकता है। रक्तदान को वैसे भी महादान की संज्ञा दी जाती है।
- सरोज देवी।
एक डर था कि खून देने से कमजोरी आती है। अकसर यह बात दिल में रहती थी, लेकिन आज सब बातें साफ हो गई। यह केवल मन का वहम था। अब मौका मिलने पर जरूर रक्तदान करूंगा।
- धर्मपाल।
अमर उजाला की यह पहल वाक्य में ही सार्थक है। इस पहल के दूरगामी परिणाम भविष्य में सामने आएंगे।
- अनीता देवी।
इस जागरूकता से युवाओं की सोच में काफी अंतर आएगा और सुनहरे भविष्य को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।
- ओमप्रकाश।
महानगर के मुकाबले इस कस्बानुमा शहर में लोग खून देने से डरते हैं। वरना क्षेत्र में खून की कमी नहीं होती। इस स्थिति से लोगों को उभारने में अमर उजाला की यह पहल बेहतर है।
- कीर्ति।
इस सामाजिक कार्य से युवा अभी अनजान है। वे भारतीय संस्कृति को दूर छोड़कर आगे बढ़ रहे हैं। आज भाई-भाई का दुश्मन हो गया है। ऐसी स्थिति में अनजान लोगों के लिए खून देने का यह अनुभव दिल को शांति पहुंचा रहा है।
- सुरेश कुमार।
दूसरों की जान बचाने में हमारी भागीदारी होगी तो दिल को सुकून मिलेगा। वैसे भी यह पुण्य के काम के बराबर है। ऐसे में दूसरों की जान बचाना और पुण्य दोनों एक साथ एक ही जगह मिल रहे है तो क्यों पीछे रहें।
- अमित शर्मा।
दुनिया में सर्वश्रेष्ठ दान रक्तदान है। इससे बड़ा कोई दान नहीं है। लोग मंदिरों में चढ़ावा चढ़ाते है, उस धर्म के साथ यह कर्म भी करें तो सोने पर सुहागा होगा। वह तो इस पहले सुकून से खुश हैं।
- सचिन।
हमारे छोटे से प्रयास से दूसरों को जिंदगी मिल सकती है। इससे उनके परिजनों की दुआ लगती है। इसी दुआ से हम खुद भी आगे बढ़ते है। यह काम सौभाग्यवाला ही कर सकता है।
- मोनिका।
पहली बार खून देकर अच्छा लगा। इस अहसास को अपने दोस्तों के बीच शेयर करूंगा। उन्हें भी रक्तदान करने के लिए तैयार करूंगा, ताकि यह क्रम एक चैन के रूप में निरंतर आगे बढ़े।
- लक्ष्मी।
हर व्यक्ति को तीन माह के अंतराल में खून देना चाहिए। इससे शरीर में नए खून का संचार होगा और बीमारियों से छुटकारा मिलेगा। यह हमारे लिए भी फायदेमंद है।
- दिव्या।
खून देने के बाद कमजोरी आ जाती है। यह सोच आज गलत साबित हुई। रक्त देने के बाद वह रोजमर्रा की तरह उठकर अपने काम में लग गया। उसे तो कोई कमजोरी का अहसास भी नहीं हुआ।
- अमित।
अमर उजाला का यह सराहनीय प्रयास है। समय-समय पर इस प्रकार के कैंप लगाए जाने चाहिए। रक्तदान करके अच्छा लग रहा है।
- राधिका।
अमर उजाला में रक्तदान शिविर लगने की खबर पढ़ी थी। सोचा, इस बार जरूर रक्तदान करके देखती हूं। ताकि मन की दुविधा से भी बाहर निकल सकूं।
- अरुणा।
अपनी जिंदगी में अनेक बार दान किए है। लेकिन रक्तदान सबसे अनूठा है। इससे महसूस हुआ कि यह दान नहीं बल्कि महादान है।
- सुनील कुमार।
जीवन में सबको एक बार अवश्य रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान करने से मन को शांति मिलती है।
- बलदेवराज नागपाल।
रक्तदान करके अच्छा लगा। वे अपने दोस्त व रिश्तेदारों को भी इस पहल से जोड़ेंगे। वैसे भी रक्तदान करने से कोलेस्ट्राल कम हो जाता है और रक्तचाप को भी पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
- रामनारायण सिंह।