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अगले सत्र से कालेज के विद्यार्थी टीचरों को देंगे पढ़ाने के नंबर

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-प्राध्यापकों को सेमेस्टर की कार्ययोजना पहले ही करवानी होगी सबमिट, उच्चतर शिक्षा विभाग ने जारी किया पत्र
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फोटो संख्या:37
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। आमतौर पर कॉलेजों में यह होता है कि प्रोफेसर पूरा साल पढ़ाई कराते हैं और बच्चे पढ़ते हैं। साल के आखिर में प्रोफेसर उन्हें उनकी परफार्मेंस के आधार पर नंबर देते हैं। किंतु अगले सत्र से यह मामला बदल जाएगा। सत्र के आखिर में अगले सत्र में नंबर देने और लेने वाले किरदार बदल जाएंगे।
प्रदेश के उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक पत्र की मानें तो अगले सत्र से विद्यार्थी अध्यापकों को पूरे साल में उनके द्वारा पढ़ाई गई थ्योरी के आधार पर उन्हें बाकायदा नंबर देंगे। एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिये कक्षा के अंदर मौजूद सभी विद्यार्थी अध्यापकों को नंबर देंगे तो इसकी एक प्रति उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भी पहुंचेगी।
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पत्र के अनुसार सरकारी और निजी कालेजों में पढ़ाने वाले प्रोफेसर्स को अगले सत्र से पूरे सेमेस्टर की कार्ययोजना पहले ही कॉलेज पोर्टल के माध्यम से अपलोड करनी होगी। इतना ही नहीं, इस पोर्टल से प्रतिदिन पढ़ाए जाने वाले लेक्चरर की डिटेल और समय भी नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा। इससे कालेज विद्यार्थियों को मोबाइल एप के माध्यम से पहले ही पता होगा कि आज कालेज में उन्हें क्या पढ़ाया जाना है? ऐसे में वो उस पाठ की घर से भी तैयारी करके जाएंगे और टीचर से संबंधित विषय पर अपने सवाल भी पूछ सकेंगे।
अगले सत्र के लिए 25 दिसंबर से पहले जमा करवानी है कार्ययोजना
अगले सत्र के प्रथम सेमेस्टर को लेकर अध्यापकों की प्लानिंग उन्हें 25 दिसंबर से पहले अपने-अपने कालेज के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसमें अध्यापकों को बाकायदा प्रतिदिन के लिहाज से पढ़ाये जाने वाले लैक्चर्स की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा अगले सत्र की शुरुआत से जारी होने वाले मोबाइल एप से ये कार्ययोजना कनेक्ट की जाएगी और सत्र के आखिर में इसी मोबाइल ऐप से विद्यार्थी अपने प्रोफे सर्स को नंबर भी देंगे। इसकी एक रिपोर्ट उच्चतर शिक्षा विभाग को भी भेजी जाएगी।
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पिछले दिनों उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक ली थी। इस नये कान्सेप्ट के बारे में बताया गया था। इस बारे में औपचारिक पत्र भी आ गया और अगले सत्र से नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
-केके कथूरिया, कार्यकारी प्राचार्य, इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय, टोहाना।
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