रजिस्टरी कहीं की, कब्जा दिलाया कहीं और
- तहसीलदार ने भेजा एक मोहल्ले के 34 लोगों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
मोहल्ला सलामपुरा में रजिस्ट्री करवाने वाले जमीन मालिक की कारगुजारी का दंड जमीन खरीदने वालों को भुगतना पड़ सकता है। जमीन मालिक ने खरीददारों की रजिस्ट्री कहीं और की कराई और कब्जा किसी और जगह पर दिलवा दिया।
कस्टोडियन की जमीन पर कब्जा दिलवाने के मामले में डीसी के आदेश पर तत्कालीन गिरदावर अभय सिंह व उसकी टीम द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के बाद 34 लोगों की जमीन पर जांच की जाएगी। वर्तमान तहसीलदार ने मौजूदा डीसी राजनारायण कौशिक के निर्देशानुसार इसकी दोबारा जांच शुरू कर दी है।
तहसीलदार रोहताश कुमार ने अपनी जांच में मोहल्ले के 34 लोगों को 28 जून को अपने कार्यालय में पेश होने के लिए नोटिस की तैयारी कर दी है। इसी मोहल्ले के लक्ष्मीनारायण द्वारा जिला प्रशासन को एक शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने अपने खुद की जमीन के खसरा नंबर और मौके पर कब्जे की स्थिति की जानकारी मांगी थी। शिकायत पर एसडीएम द्वारा नियुक्त कानूनगो व पटवारियों ने अपनी पैमाइश जांच में स्पष्ट रूप से लिख दिया है कि एक व्यक्ति ने कई लोगों को जमीन अंदरूनी आबादी की बेची, लेकिन उनको कब्जा कस्टोडियन के खसरा नंबर पर करवा दिया।
डीसी को की गई शिकायत के बाद एसडीएम के निर्देश पर गिरदावर अभय सिंह व पटवारी सुरेंद्र कुमार ने 10 अक्टूबर 2016 को पैमाइश की थी। पैमाइश के दौरान शिकायतकर्ता सहित मोहल्ले के कई लोग उपस्थित थे। पैमाइश जांच करने के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से लिखा है कि शिकायतकर्ता को जो जमीन बेची गई है वो अंदरूनी आबादी की है, परंतु मौके पर कब्जा कस्टोडियन की मिलकियत पर करवा दिया है।
इसी प्रकार अनेक मकान मालिकों की रजिस्ट्री देखने से पाया गया है कि इनको को भी कब्जा खसरा नंबर 3579 पर दिया गया है। जांच टीम ने अपनी जांच में यह भी स्पष्ट रूप से लिखा है कि यह खसरा नंबर 3579 महकमा कस्टोडियन का है। राजस्व विभाग की टीम ने यह पैमाइश रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
इसके बाद तहसीलदार ने कुछ मकान मालिकों को नोटिस भेजकर मई माह में जवाब देने को कहा था। उस वक्त जिन लोगों के नाम नोटिस दिए गए। उनमें से अधिकांश लोग तहसीलदार के समक्ष पेश हुए और नोटिस देने में ही भेदभाव का आरोप लगाया। उनका आरोप था कि शिकायतकर्ता ने अपने चहेते के नाम नोट नहीं करवाएं, जबकि आस-पास अनेक लोगों ने मकान बनाए हुए हैं। तहसीलदार ने दोबारा मौका मुआयना करने का आश्वासन दिया। इसके बाद तहसीलदार ने जून माह के प्रथम सप्ताह में मोहल्ला सलामपुरा में जाकर मौका मुआयना किया। इसके बाद अब 34 मकान मालिकों को चिह्नित करके नोटिस भेजा गया है।
कोट
खसरा नंबर 3579 कस्टोडियन विभाग की मिलकियत है। जांच में अभी तक यह सामने आया है कि हरिश्चंद्र व उनके अन्य परिजनों ने लोगों को जो जमीन बेची है उनका कब्जा गलत तरीके से कस्टोडियन विभाग की जमीन के उपरोक्त खसरा नंबर पर करवा दिया है। इसके बाद जून माह के प्रथम सप्ताह में उन्होंने खुद मौके पर जाकर जांच की। उसके बाद ही उन्होंने मोहल्ले के 34 लोगों से उनकी जमीन का सबूत मांगा है।
-रोहताश सिंह, तहसीलदार, नारनौल