कनीना में प्रवासियों को ले जाने के लिए लाइन में लगी रोडवेज की बस।
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खंड के तकरीबन 12 गांवों में कृषि कार्य के लिए बुलंदशहर से आए हुए प्रवासियों को एसडीम रणबीर सिंह व बीडीपीओ युद्धवीर सिंह के दिशा निर्देश में उनके घर भेजा गया। बीडीपीओ युद्धवीर सिंह ने बताया कि सुबह 5 बजे तकरीबन 13 गांव जीगावन, कपूरी, झाड़ली, स्याना, पोता, मोड़ी, बैवल, भड़फ, धनोंदा व इसराना गांव के 623 व्यक्तियों को 20 बसों में बैठा कर बुलंदशहर के लिए रवाना किया।
12 मई को हमने कनीना खंड के गांव खैराना मानपुरा, भालखी, सुंदरह, धनोंदा, करीरा, छितरोली, रसूलपुर, सेहलंग, उन्हाणी, नांगल हरनाथ व ककराला में कृषि कार्य के लिए बुलंदशहर से आए हुए मजदूरों को सुबह 4 बजे धनोंदा के खेल स्टेडियम में इकट्ठा किया था। सुबह 6 बजे हमने सभी बसों को रवाना कर दिया।
खंड के 12 गांवों में बुलंदशहर से आए हुए प्रवासियों की लिस्ट बनाई गई थी। जिसमें सभी गांवों के सरपंचों को आदेश दिए गए की सुबह 4 बजे इन प्रवासियों को धनोंदा के खेल स्टेडियम में इकट्ठा किया। सरपंचों ने प्रवासियों का खाना पैक करके दिया। प्रत्येक प्रवासी की मेडिकल सर्टिफिकेट साथ लेकर खेल स्टेडियम पहुंचे। धनोंदा के खेल स्टेडियम में सुबह 623 प्रवासी एकत्रित हुए। जिनको 25 बसों बैठाकर उन सभी प्रवासियों को पानी की बोतल भरने के लिए टैंकर उपलब्ध करवाया। प्रवासी मजदूरों को सही समय पर बुलंदशहर पहुंचा दिया गया। रास्ते में किसी प्रवासी मजदूर को कोई तकलीफ ना हो इसके लिए बसों का मार्गदर्शन करने के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात किए।
नगर पालिका के चेयरमैन सतीश जैलदार ने 5 बसों में बुलंदशहर के 150 प्रवासियों को बैठाकर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हर गाड़ी में नगरपालिका के तरफ से एक व्यक्ति को बैठाया, जिससे किसी भी प्रवासी मजदूर को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। प्रवासी मजदूरों ने कहा कि गांव के पंच-सरपंच नंबरदारों ने हमारी बहुत सहायता की है।
एसडीएम, कनीना रणबीर सिंह ने बताया कि कनीना खंड के 12 गांवों के सरपंचों को एक दिन पहले ही सूचना दे दी थी। बताया था कि सभी प्रवासियों की आईडी व मेडिकल सर्टिफिकेट जरूर साथ लेकर आएं। किसी भी प्रवासी मजदूर को कोई परेशानी ना हो इसके लिए हमने पर्याप्त व्यवस्था कर दी है साथ ही एक एंबुलेंस भी इन बसों के पीछे पीछे भेजी है।