महेंद्रगढ़। शहर के बाजारों में अतिक्रमण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। नगर के दुकानदार बेखौफ अतिक्रमण कर रहे हैं, उनके मन में प्रशासन का कोई डर नहीं हैं। यहां तक की नगरपालिका के मुख्य द्वार के सामने एवं पीछे अतिक्रमण हो रखा है। नगर की सड़क रात को चौड़ी तो दिन में संकरी हो जाती है। नगरपालिका की ओर से शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए कूड़ा कलेक्शन की गाड़ी से निरंतर मुनादी करवाई जा रही है। परंतु अभी तक किसी भी दुकानदार पर इसका असर नहीं पड़ा। अतिक्रमण के कारण शहर के बाजारों में प्रतिदिन जाम की स्थिति रहती है। शहर में वाहन पार्किंग नहीं होना भी जाम और अतिक्रमण की वजह बना हुआ है। पालिका प्रशासन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही जिस कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।
बाजरों में रहती है जाम की स्थिति:
शहर के दुकानदारों ने सड़क पर पांच से दस फिट तक सामान रखा हुआ है। जिस कारण बाजार में जाम की स्थित पैदा हो जाती है। हालात यह है कि रात आठ बजे के बाद सड़कें पूरी 40 फिट चौड़ी तो दिन में15 फिट रह जाती है। कई बार तो घंटों जाम लग जाता है किंतु दुकानदार अपने सामान को वहां से हटाते नहीं हैं। शहर के सिनेमा रोड, शंकर मार्केट, गांधी मार्केट, सब्जी मंडी, आईटीआई रोड, शॉपिंग कॉम्पलेक्स आदि बाजारों में जाम की स्थिति बनी रहती है।
शहर के बाजारों में प्रतिदिन खड़े होते हैं 5 हजार वाहन:
शहर के विभिन्न बाजारों में प्रतिदिन पांच हजार दोपहिया और चौपहिया वाहन खड़े रहते हैं। इनमें से लगभग साढ़े चार हजार दोपहिया तथा पांच सौ चौपहिया वाहन खड़े रहते हैं। इनमें एक लगभग दो हजार वाहन दुकानदारों के हैं। शहर में पार्किंग नहीं होने की वजह से वाहन रोड पर खड़े रहते हैं। जिस कारण सड़कें सकरी हो जाती है और बाजार में जाम लग जाता है।
अतिक्रमण को हटाने के लिए नगरपालिका को अभियान चलाना चाहिए। साथ ही दुकानदारेां को भी इसमें प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। अतिक्रमण करने से शहर की सुंदरता पर असर पड़ता है साथ जाम आदि लगने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
शहर में दुकानदारों ने भारी अतिक्रमण किया हुआ है। लोगों को आने जाने में काफी परेशानी होती है। प्रशासन को अतिक्रमणकारियों पर एक्शन लेना चाहिए ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े।
वास्तव में शहर में बहुत अधिक अतिक्रमण हो रखा है। इस पर पालिका प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जानी चाहिए। सप्ताह में कम से कम एक दिन अतिक्रमण अभियान अवश्च चलया जाना चाहिए। तभी जाकर अतिक्रमण पर रोक लगेगा और लोगों को परेशानी से निजात मिलेगी।