अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। कस्बे में पुलिस द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद भी हादसे पर अंकुश नहीं लग पाया है। हादसे का सबसे अधिक खतरा अस्थायी निजामपुर-नांगल चौधरी, नारनौल-नांगल चौधरी व नांगल चौधरी-कोटपुतली तिराहे पर रहता है क्योंकि तिराहे पर जेब्रा लाइन व स्पीड ब्रेकर नहीं है। इस वैकल्पिक बस स्टैंड पर दिनभर भीड़भाड़ रहती है। बस स्टैंड पर एक युवक की पहले ही हादसे में जान जा चुकी है। स्टैंड पर पुलिस कर्मी की भी तैनाती नहीं होने से वाहन चालक मनमर्जी से चलते हैं। तिराहे पर थोड़ी सी चूक पर यात्रिओं को दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है। तिराहे पर वाहनों की टक्कर से दो युवकों की हाल में मौत हो गई थी। बावजूद इसके पुलिस व लोक निर्माण विभाग तिराहे पर यातायात संकेतक की ओर ध्यान नहीं दे रहे है।
पुलिस की ओर से समय-समय पर सड़क सुरक्षा के तहत यातायात का पाठ पढ़ाया जाता है लेकिन हादसे को लेकर प्रभावी कार्य नहीं किया जा रहा है। न ही इसकी नगर पालिका सुध ले रही और न ही परिवहन विभाग को फिक्र है। बस स्टैंड स्थित तिराहे पर स्कूल व कॉलेज की छुट्टी होने पर छात्रों की भीड़ हो जाती है। छात्राएं सड़क के किनारे खड़ी होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में यहां बेतरतीब ढंग से इधर-उधर टर्न होते वाहनों से हर दिन छात्राओं को सड़क पार करने की जद्दोजहद करती देखी जा सकती है। वीरवार को तिराहे चार छात्राएं एक तेज गति वाहन की चपेट में आने से बाल-बाल बची। छात्राओं ने उपायुक्त से गुहार लगाकर बस स्टैंड तिराहे पर जेब्रा लाइन व स्पीड ब्रेकर लगाने की गुहार लगाई है।