अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। रेवाड़ी-नारनौल रोड पर बस स्टैंड के मुख्य द्वार के पास स्थित एक जनरल स्टोर की दुकान का किराया नहीं देने पर बुधवार को नगर परिषद ने दुकान की सील कर बाहर तार बंदी कर दी। नगर परिषद की कार्रवाई दुकानदार द्वारा करीब दो साल से दुकान का किराया जमा नहीं करने पर की गई है। नप का दुकानदार पर बीस लाख रुपये बकाया है।
नगर परिषद के अनुसार दुकानदार भूपेंद्र ने साल 2016 में बस स्टैंड के पास एक दुकान को किराए पर लिया था। नगर परिषद से 95 हजार रुपये प्रति मास के हिसाब से किराए पर बोली पर ली थी। कुछ महीने बाद तक इसका किराया जमा नहीं करवाने पर परिषद ने भूपेंद्र को अब तक चार बार नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के खिलाफ भूपेंद्र ने न्यायालय में शरण ली थी। जिस पर न्यायालय ने भूपेंद्र के पक्ष में स्थगन आदेश दे दिया था। लगभग 20 दिन पूर्व नगर परिषद की अपील पर न्यायालय ने इस दुकान के स्थगन आदेश को रद्द कर दिया। अब तक नगर परिषद की तरफ दुकानदार की ओर किराए के रूप में लगभग 20 लाख रुपये की राशि हो गई है। नगर परिषद ने नियमों का उल्लंघन करने को लेकर कार्रवाई की है। इस मौके पर तहसीलदार योगेश कुमार ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रुप में उपस्थित थे। इस मौके पर नगर परिषद के अधिकारियों में जेई विकास शर्मा, भवन निरीक्षक भीम सिंह, कर निरीक्षक वैभव तथा पटवारी दर्शन सिंह आदि उपस्थित थे।
क्या कहते हैं नप के अधिकारी
नगर परिषद के मुख्य अभियंता चिमन लाल ने बताया कि नगर परिषद की एक दुकान परिषद ने 2016 में भूपेंद्र को नीलामी पर छोड़ी थी। दुकान का लगभग 20 लाख रुपये का किराया पेंडिंग हो गया था। किराया नहीं देने का मामला न्यायालय में भी पहुंचा था, लेकिन न्यायालय ने नगर परिषद को अधिकार देते हुए कार्रवाई करने की छूट दे दी थी। आज उक्त दुकान पर सील लगा दी है।
अन्य दुकानों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
नप की करीब 16 दुकानें दुकानदारों ने किराए पर ले रखी हैं। दुकानदार नप को समय पर किराया नहीं दे रहे। यह भी मामला एसडीएम कोर्ट में चल रहा है। नप के अधिकारियों के अनुसार कोर्ट के फैसले के अनुसार इन दुकानों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
कंटीले तार से कर दी फेंसिंग
दुकान ठीक बस स्टैंड के गेट के सामने और मेन रोड से लगी हुई है। नप के अधिकारियों ने दुकान को सील करने के साथ ही बाहर की जगह को कंटीले तार से फेंसिंग कर दी। जिससे की दुकानदार के बाहर कोई रेहड़ी-पटरी न लगा सके। नप के एक अधिकारी ने बताया कि पटरी वालों से अवैध वसूली की जा रही थी। जिसे लेकर तार से फेंसिंग कर दी गई है। हालांकि इससे बाइक और राहगीरी के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। रात में तार की चपेट में आने से लोगों चोटिल हो सकते हैं। उनका कहना है कि जल्द ही इस जगह पर लाइट लगा दी जाएगी। जिससे लोगों को तार दिखाई देता रहे।