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नेताओं ने कहा: केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल बनाना पहले प्रस्तावित, दूसरा बने नारनौल में

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सरकार की पहल अच्छी पर बनाकर दिखाए
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नेताओं ने कहा, सरकार दूसरा मेडिकल कॉलेज कहीं खोलती है तो नारनौल ही उपयुक्त
फोटो नंबर 1 से 4
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। महेंद्रगढ़ की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पहले ही मेडिकल कॉलेज बनाना प्रस्तावित है। ऐसे में सरकार दूसरा मेडिकल कॉलेज कहीं खोलती है तो वह नारनौल ही सबसे अच्छी जगह है। इससे पूरे जिले के लोगों को फायदा हो जाएगा। इसलिए मेडिकल कॉलेज पर नारनौल के लोगों का पूरा हक है। इस बारे में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री से बात की गई तो उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की पहल अच्छी की है, मगर अभी तक यह केवल घोषणा ही बनकर रह गई है। सरकार को इसको जल्द अमलीजामा पहनाना चाहिए।
सीएम की घोषणाओं के बाद से जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरियावास, मिर्जापुर बाछौद व महेंद्रगढ़ के पाली का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की है। इन तीन जगहों में से ही किसी एक जगह पर मेडिकल कॉलेज बनाने की सीएम घोषणा कर सकते हैं। वहीं अटेली की विधायक एवं डिप्टी स्पीकर संतोष यादव और नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव ने कुछ दिन पहले एक बयान जारी कर नारनौल में मेडिकल कॉलेज बनने की घोषणा की थी। इसके बाद से यह मुद्दा गरमाया हुआ है कि मेडिकल कॉलेज जिले में किस स्थान पर बनाना चाहिए।
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पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा कर चुके हैं घोषणा
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने कार्यकाल में केंद्रीय विवि में ही मेडिकल कॉलेज बनने की घोषणा कर चुके हैं। महेंद्रगढ़ में आयोजित एक रैली में पूर्व सीएम ने कहा था कि केंद्रीय विश्वविद्यालय जाट पाली में एक मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसके बाद वहां पर इसके संबंधी सभी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई। यह प्रक्रिया अभी पाइपलाइन में है। शहर नारनौल के लोगों का कहना है कि कांग्रेस सरकार के समय में जब केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल कालेज खोलने की घोषणा की तब जिले के किसी भी विधायक, मंत्री या लोगों ने एतराज नहीं जताया। ऐसे में वहां पहले ही केंद्रीय विवि में मेडिकल कॉलेज स्थापित होना है तो अब सरकार को नारनौल में मेडिकल कॉलेज खोलना चाहिए।

केवल घोषणाओं की सरकार, धरातल पर नहीं हो रहा काम

यह सरकार केवल घोषणाओं की सरकार है। वास्तविक रूप से धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। सरकार पहले नारनौल में बने आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन तो करवाए। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के बारे में सोचे।
-राव नरेंद्र सिंह, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री
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नारनौल जिला मुख्यालय है। ऐसे में जिला मुख्यालय होने के कारण नारनौल ही मेडिकल कॉलेज के लिए सबसे उपयुक्त होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वैसे भी नारनौल जिले का सेंटर प्वाइंट है। सेंटर प्वाइंट होने के नाते यहां पूरे जिले के लोगों आते हैं।
-राधेश्याम शर्मा, पूर्व विधायक

मेडिकल कॉलेज के लिए नारनौल के आसपास का क्षेत्र ही सबसे उपयुक्त है। सरकार के नुमाइंदों को इस ओर देखना चाहिए। यहां से तीन बीजेपी के विधायक हैं। तीनों विधायक अगर चाहे तो कॉलेज को नारनौल बनने से कोई नहीं रोक सकता।
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-बीर सिंह गहली, सचिव, इनेलो कार्यालय
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सरकार मेडिकल कॉलेज बनाएगी भी, ऐसा नहीं लगता। उन्होंने कहा कि यह घोषणाओं की सरकार है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज अगर सरकार बनाना चाहती है तो जिले में कहीं भी बना दे। इसमें सरकार देर किस बात की कर रही है।
-राजकुमार खातोद, इनेलो नेता
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