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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। भाजपा सरकार 8 नवंबर को एंटी ब्लैकमनी डे मनाने जा रही है। उधर, हकीकत है यह कि नोटबंदी के सालभर बाद भी शहर के बाजारों में आर्थिक मंदी बनी हुई है। नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद बाजार मंदी से उबर नहीं पाए हैं। अभी क्षेत्र में शादी समारोह का समय चल रहा है। उसके बाद भी बाजार में 30 प्रतिशत मंदी बनी हुई है। नोटबंदी के बाद बाजार में जो ऑनलाइन पेमेंट करने का सिस्टम शुरू हुआ था। वो भी खत्म हो गया है, केवल बड़े शोरूम पर ही ऑनलाइन पेमेंट की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी लागू कर व्यापारियों की परेशानी बढ़ाई है। इनके लागू होने आमजन और व्यापारी ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
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नोटबंदी के बाद व्यापारी आर्थिक मंदी से जूझ रहा है। ऑफ सीजन में तो व्यापारियों की हालत खस्ता हो चली थी। अब शादी समारोह का सीजन शुरू हुआ है तो इससे बाजार में 70 प्रतिशत सुधार हुआ है। 30 प्रतिशत तो अभी भी मंदी बनी हुई है।
-तरुण कपूर, जरनल स्टोर व्यापारी।
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नोटबंदी के बाद शहर में कारोबार कम हो गया है। जिसका प्रभाव आज भी बाजार में बना हुआ है। इस समय बाजार में मात्र 60 प्रतिशत सुधार ही है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो रही है किंतु उतनी नहीं जितनी जनवरी और फरवरी में होती थी।
-दीपक, इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी।
नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारी और आमजन ही प्रभावित हुए हैं। अधिकतर वस्तुएं महंगी हो गई हैं। इस कारण लोग खुले मन से पैसे नहीं खर्च रहे। केवल आवश्यकता अनुसार ही पैसे खर्च रहे हैं।
-अमित, अपना बाजार
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नोटबंदी का असर बाजार में आज भी देखा जा सकता है। सावों के समय बाजार 70 प्रतिशत है। ऑन लाइन ट्रांजेक्शन बंद हो गई है। अब लोग कैश पेमेंट ही कर रहे हैं। नोटबंदी के शुरुआती महीनों पर ऑनलाइन पेमेंट का जोर था उसके बाद कम हो गया।
-भरत खुराना, साड़ी एवं सूट व्यापारी।