फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एडमिशन प्रक्रिया में उलझे विद्यार्थी, हो रहे परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

महेंद्रगढ़। उच्चतर शिक्षा विभाग की एडमिशन प्रक्रिया इस बार विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ को रास नहीं आ रही है। बार-बार नियमों में बदलाव किए जाने से विद्यार्थी और एडमिशन कमेटी दोनोें असमंजस में हैं। यूजी कक्षाओं की दूसरी कट ऑफ लिस्ट की तारीख तीन बार बदली जा चुकी है। दूसरी कट ऑफ लिस्ट सोमवार को 12 बजे लगनी थी, लेकिन जारी की गई शाम पांच बजे। इस कारण विद्यार्थियों को दोपहर तीन बजे तक कॉलेज में इंतजार कर मायूस लौटना पड़ा।
48 घंटें के बाद भी जमा नहीं हुए चालान
विद्यार्थी गजराज, कर्मवीर, वंश, सुनील, कमल आदि ने बताया कि उन्होंने अपना चालान नौ जुलाई को जनरेट करवा लिया था। बैंक में दो बार चक्कर लगा चुके है, किंतु अभी तक चालान जमा नहीं हुआ। बैंक कर्मचारी पंचकूला से अपडेट नहीं होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि 48 घंटे बीत जाने के बाद चालान जमा हो पाते हैं। उच्चतर शिक्षा विभाग ने केवल पटियाला बैंक से टाईअप किाय है। यदि किसी अन्य बैंक से भी टाईअप हो जाता है, तो विद्यार्थियों को इतनी परेशानी नहीं होती।
विज्ञापन

पेटीएम सिस्टम नहीं कर रहा काम
आपको बता दें कि कॉलेजों में पेटीएम, स्वैप मशीन, नेट बैंकिंग और बैंक में फीस जमा करवाने का प्रावधान है। विद्यार्थी को नेट बैंकिंग की जानकारी नहीं होने और एटीएम अभी जारी नहीं होने के कारण कैश ही फीस जमा करवा रहे हैं। कॉलेजों में पेटीएम सुविधा भी जारी की हुई, किंतु वह काम नहीं कर रही।
विज्ञापन


तीन बार बदला शेड्यूल
उच्चत्तर शिक्षा विभाग ने कट ऑफ लिस्ट प्रक्रिया में तीन बाद बदलाव किया है। इससे विद्यार्थी कन्फूयज हो रहे हैं। विद्यार्थी रोहित, अमन, राकेश, टोनी, साहिल आदि ने बताया कि विभाग ने एडमिशन प्रक्रिया के दौरान तीन मेरिट सूची लगाने के निर्देश दिए थे। चार जुलाई को विभाग ने पहली कट आफ लिस्ट पांच जुलाई और दूसरी कट ऑफ लिस्ट 11 जुलाई लगाने के आदेश दिए थे। रविवार को विभाग ने दोबार से फिर तीन कट ऑफ लिस्ट जारी करने के निर्देश दिए। दूसरी कट ऑफ 10 जुलाई और तीसरी कट आफ लिस्ट 13 जुलाई को जारी होगी।
चालान जमा करने के लिए बैंक के रीजनल सेंटर पंचकूला से अपडेट होता है। वहां से अपडेट होने के बाद ही चालान जमा किए जाते हैं।
-जितेंद्र कुमार, मैनेजर एसबीआई तुलाराम चौक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें